“उत्तर प्रदेश संदेश” को युवाओं से जोड़ने की तैयारी, हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी आएगी पत्रिका
लखनऊ, 14 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रदेश में हो रहे बदलावों को युवा पीढ़ी तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की मासिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को नए स्वरूप में प्रस्तुत करने की तैयारी है। पत्रिका को हिंदी के साथ अंग्रेजी में प्रकाशित करने और युवाओं की रुचि के अनुरूप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
यह जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने शुक्रवार को सूचना निदेशालय में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के उत्कृष्ट लेखकों के सम्मान समारोह में दी। उन्होंने कहा कि भविष्य जेन जी और युवाओं का है, इसलिए प्रदेश में हो रहे विकास और बदलाव को युवा नजरिए से प्रस्तुत करने की जरूरत है।
योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाना जिम्मेदारी
विशाल सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। सरकार की योजनाओं और उनके परिणामों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में लेखकों और बुद्धिजीवियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सकारात्मक और तथ्यपरक लेखन लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ समाज को नई दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह बताना भी जरूरी है कि वर्तमान उपलब्धियों के पीछे किस तरह के प्रयास और संघर्ष रहे हैं।
युवाओं के नजरिए से होगा विकास का प्रस्तुतीकरण
सूचना निदेशक ने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है और जेन जी तथा जेन अल्फा को ध्यान में रखते हुए सूचना एवं संवाद के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के माध्यम से युवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पत्रिका को ऑनलाइन माध्यम पर युवा पाठकों की जरूरत और रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करने की दिशा में काम होगा।
उन्होंने बताया कि अभी पत्रिका हिंदी में प्रकाशित हो रही है, लेकिन भविष्य में इसमें अंग्रेजी के लेख भी प्रकाशित किए जाएंगे। इससे प्रदेश के विकास और सरकार की उपलब्धियों से जुड़ी सामग्री को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उत्कृष्ट लेखकों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के अप्रैल-मई और जून-जुलाई अंकों में विभिन्न विषयों पर उत्कृष्ट लेखन करने वाले लेखकों को पुष्पगुच्छ, प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
अप्रैल-मई अंक में सुरक्षा एवं सुशासन के लिए लखनऊ के प्रद्युम्न तिवारी, समाज कल्याण के लिए लखनऊ की पायल लक्ष्मी सोनी और हाथरस की डॉ. शिवानी कटारा, शिक्षा के लिए गोरखपुर की ऋचा सिंह, कृषि के लिए सिद्धार्थनगर की यशोदा श्रीवास्तव तथा अवस्थापना एवं संबद्ध क्षेत्र में लखनऊ के सियाराम पांडेय ‘शांत’ को सम्मान मिला।
जून-जुलाई अंक में संतुलित विकास के लिए देवरिया के डॉ. सौरभ मालवीय, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए प्रयागराज के वीरेंद्र पाठक, नगर एवं ग्राम्य विकास के लिए लखनऊ के रुद्रेश घिल्डियाल, पर्यटन के लिए महाराजगंज के रवि प्रकाश तथा शिक्षा के लिए आगरा की डॉ. सोनाली शुभम् को सम्मानित किया गया।
विशाल सिंह ने कहा कि लेखकों को सम्मानित करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने प्रदेश के विद्वानों और लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सतीश चंद्र भारती, चंद्र मोहन, डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह, चंद्र विजय वर्मा, अमित कुमार यादव, सहयुक्त संपादक अजय कुमार द्विवेदी, उप संपादक दिनेश कुमार गुप्ता समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
