बाढ़ की तैयारियों पर प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा, सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
यमुना-हिंडन के तटबंध सुरक्षित, 17 प्रशासनिक और 2 सिंचाई विभाग की बाढ़ चौकियां सक्रिय; 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था
नोएडा, 13 अगस्त। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने और जनपद में बाढ़ सुरक्षा एवं राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को शक्ति सदन गेस्ट हाउस, सेक्टर-38 नोएडा में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने की। बैठक में नदी के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति, बाढ़ चौकियों और राहत-बचाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड पर रहें और आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर लें। उन्होंने तीनों प्राधिकरणों और पुलिस विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण करने, वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
तटबंधों की मरम्मत पूरी, संवेदनशील स्थानों पर संसाधन उपलब्ध
जिलाधिकारी ने बैठक में बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तटबंधों की आवश्यक मरम्मत के साथ रैटहोल और गड्ढों की मरम्मत का काम पूरा कराया जा चुका है। बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर स्प्लिट स्टोन, मिट्टी से भरी सीमेंट की बोरियां, बल्लियां समेत आवश्यक सामग्री का पर्याप्त स्टॉक भी किया गया है।
बाढ़ के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और जलस्तर की लगातार निगरानी के लिए ओखला बैराज स्थित बाढ़ कक्ष तथा गाजियाबाद के सिंचाई निर्माण खंड कार्यालय में बाढ़ कक्ष 24×7 सक्रिय रखे गए हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है।
17 प्रशासनिक और 2 सिंचाई बाढ़ चौकियां
जनपद में सिंचाई विभाग की दो बाढ़ चौकियां याकूतपुर और कामनगर में स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 17 प्रशासनिक बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय के लिए 7 ग्रामीण बाढ़ समितियों का गठन किया गया है।
यमुना और हिंडन के तटबंध सुरक्षित
अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड, गाजियाबाद ने बैठक में नदियों के वर्तमान जलस्तर और डिस्चार्ज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यमुना और हिंडन नदी पर बने सभी तटबंध वर्तमान में सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग दोनों नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और आपसी समन्वय से काम करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।
उन्होंने बाढ़ चौकियों, तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और उपलब्ध संसाधनों का नियमित निरीक्षण करने तथा कमी मिलने पर तत्काल उसे दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को समय पर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्ययोजना को मजबूत रखने को कहा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, एसडीएम जेवर दुर्गेश सिंह, एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, एसडीएम दादरी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कंचन, सहायक अभियंता सिंचाई, खंड विकास अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
