तिरंगा यात्रा के बाद किसानों का ऐलान: 20 तक काम शुरू नहीं हुआ तो 24 अगस्त को जेवर थाने का घेराव
खुर्जा पुल की सीढ़ियों की मांग को लेकर निर्णायक संघर्ष की चेतावनी, तहसीलदार और कोतवाल को सौंपा ज्ञापन
जेवर। भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चौधरी पवन चौरौली के नेतृत्व में निकाली गई तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। यात्रा में किसानों और क्षेत्रीय लोगों ने एकजुट होकर खुर्जा पुल की सीढ़ियों समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
तिरंगा यात्रा के समापन के बाद खुर्जा पुल की सीढ़ियों की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। किसान नेताओं के अनुसार, प्रशासन ने 20 अगस्त तक का समय मांगा है और इस अवधि में खुर्जा पुल से संबंधित कार्य शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
किसान नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 20 अगस्त तक खुर्जा पुल का काम शुरू नहीं हुआ तो 24 अगस्त को जेवर थाने का घेराव किया जाएगा। उनका कहना है कि पुल की सीढ़ियों की समस्या के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों की अन्य समस्याएं भी उठाईं
तिरंगा यात्रा के दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जेवर तहसीलदार एवं कोतवाल को ज्ञापन सौंपा गया। किसान नेताओं ने प्रशासन से सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग की।
किसान नेताओं ने कहा कि तिरंगा यात्रा ने क्षेत्र में किसानों और आम जनता की एकजुटता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
किसान संगठनों ने कहा कि अब 20 अगस्त तक प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि निर्धारित समय तक खुर्जा पुल का कार्य शुरू नहीं हुआ तो 24 अगस्त को जेवर थाने के घेराव का कार्यक्रम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों और क्षेत्र की जनता की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और जायज मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
