उद्योगों की मुश्किलें दूर करने को IEA ने मांगा समाधान, 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
ई-ऑक्शन से छोटे भूखंडों को बाहर कर ड्रॉ से आवंटन, बिना कनेक्शन भेजे जा रहे जल बिल रोकने की मांग
ग्रेटर नोएडा। औद्योगिक इकाइयों के सामने आ रही समस्याओं के समाधान और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) ने उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, आईएएस को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा है। एसोसिएशन ने औद्योगिक भूखंडों के आवंटन से लेकर आधारभूत सुविधाओं, बिजली, पानी, फायर सेफ्टी और एमएसएमई प्रोत्साहनों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान की मांग की है।
IEA अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि मौजूदा व्यवस्थाओं के कारण खासकर छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए नीतियों को अधिक व्यावहारिक और उद्यमी हितैषी बनाने की आवश्यकता जताई।
छोटे औद्योगिक भूखंड ई-ऑक्शन से बाहर करने की मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि 2000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंडों को ई-ऑक्शन से बाहर रखकर ड्रॉ के माध्यम से आवंटित किया जाए। IEA का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया में छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए भूखंड हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
साथ ही पांच वर्ष से अधिक समय से किराये के परिसर में उद्योग चला रहे उद्यमियों को औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में ड्रॉ प्रक्रिया के दौरान प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
उद्यमियों को आवासीय भूखंड देने की मांग
IEA ने नोएडा प्राधिकरण की पूर्व व्यवस्था का हवाला देते हुए ग्रेटर नोएडा, यमुना क्षेत्र और प्रस्तावित न्यू नोएडा में उद्यमियों के लिए आवासीय भूखंडों की योजना शुरू करने की मांग भी की है।
बिना पानी के कनेक्शन के जल बिल भेजने पर नाराजगी
GNIDA क्षेत्र में बिना जल कनेक्शन के औद्योगिक इकाइयों को भेजे जा रहे जल बिलों का मुद्दा भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया है। एसोसिएशन के मुताबिक कई इकाइयों में अभी तक पानी का कनेक्शन नहीं है, इसके बावजूद बिल भेजे जा रहे हैं। IEA ने मांग की है कि कम से कम एक माह का विशेष कैंप लगाकर ऐसे सभी मामलों का निस्तारण किया जाए, जहां पानी की लाइन ही उपलब्ध नहीं है।
LT कनेक्शन की सीमा 50 से बढ़ाकर 100 KW करने की मांग
MSME इकाइयों के लिए LT श्रेणी में विद्युत कनेक्शन की अधिकतम सीमा 50 KW से बढ़ाकर 100 KW करने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को अतिरिक्त खर्च और अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
YEIDA में शेड के Functional Certificate की शर्त आसान करने की मांग
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक शेड के लिए Functional Certificate जारी करने में आ रही दिक्कतों का समाधान करने की मांग की गई है। IEA ने कहा कि 50 प्रतिशत RCC निर्माण की मौजूदा शर्त छोटे एवं मध्यम उद्यमियों के लिए आर्थिक और व्यावहारिक रूप से कठिन है। संस्था ने उद्योग और उत्पाद की जरूरत के अनुसार इस शर्त में आवश्यक छूट अथवा संशोधन की मांग की है।
यमुना औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाएं विकसित करने की मांग
IEA ने यमुना औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी, बिजली और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से विकसित करने की मांग की है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को कार्यशील करने की समय सीमा बढ़ाने की भी मांग रखी गई है।
हर औद्योगिक सेक्टर में फायर स्टेशन
औद्योगिक क्षेत्रों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक औद्योगिक सेक्टर में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की गई है। इसके साथ पर्याप्त अग्निशमन संसाधन और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
गौतमबुद्ध नगर में Export Promotion Centre बने
निर्यातकों को दस्तावेजी सहायता, बाजार संबंधी जानकारी और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए गौतमबुद्ध नगर में Export Promotion Centre स्थापित करने की मांग की गई है।
MSME सब्सिडी का समयबद्ध भुगतान
IEA ने एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की MSME योजनाओं, सब्सिडी एवं प्रोत्साहनों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए औद्योगिक प्राधिकरणों के कार्यालयों और औद्योगिक क्षेत्रों में Scheme Display Boards लगाने तथा उद्यमियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की गई है।
GNIDA और UPSIDA क्षेत्रों की बदहाल सुविधाओं का मुद्दा
ज्ञापन में GNIDA और UPSIDA के औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रेनेज की सफाई, सड़क, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी मुद्दा उठाया गया है। एसोसिएशन ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।
ब्याज पर ब्याज से बढ़ी देनदारी पर एकमुश्त समाधान योजना की मांग
IEA ने GNIDA में पुराने देयता मामलों के समाधान के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने की मांग की है। संस्था का कहना है कि पहले सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन नहीं होने के कारण आवंटियों को समय पर देयताओं की जानकारी नहीं मिल पाती थी। इसके चलते कई मामलों में ब्याज पर ब्याज जुड़ने से उद्यमियों पर देनदारी काफी बढ़ गई है।
IEA अध्यक्ष संजीव शर्मा ने उम्मीद जताई कि शासन इन सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश जारी कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान से औद्योगिक इकाइयों के संचालन में आसानी होगी और गौतमबुद्ध नगर समेत पूरे प्रदेश में निवेश, कारोबार तथा रोजगार के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा।
