पशु कल्याण और वैज्ञानिक अनुसंधान के नए आयामों पर दूसरे दिन भी मंथन

GBU में जुटे दुनिया भर के विशेषज्ञ, पशु व्यवहार, एआई और मानव-पशु सह-अस्तित्व पर हुई चर्चा

ग्रेटर नोएडा, 11 अगस्त। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में चल रहे 59वें अंतरराष्ट्रीय अनुप्रयुक्त एथोलॉजी सम्मेलन (ISAE-2026) के दूसरे दिन भी पशु व्यवहार, पशु कल्याण और वैज्ञानिक अनुसंधान के नए आयामों पर गहन मंथन जारी रहा। 10 से 14 अगस्त तक आयोजित हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद और पशु कल्याण विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे हैं।

सम्मेलन में पशु व्यवहार एवं कल्याण, कृषि और पशुपालन, प्रयोगशाला पशुओं का कल्याण, वन्यजीव प्रबंधन, साथी पशुओं की देखभाल, मानव-पशु संबंध और आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार और शोध अनुभव साझा किए। सम्मेलन के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार करीब 200 वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के इसमें शामिल होने की योजना है।

GBU के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालय के लिए केवल अकादमिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर ज्ञान, अनुसंधान और मानवीय मूल्यों को जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर हैं। पशु कल्याण से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान का उद्देश्य केवल नई जानकारी हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाओं का विकास करना होना चाहिए, जिनमें मनुष्य और पशु दोनों के हितों के बीच संतुलन कायम हो।

उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान, तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से पशु कल्याण और मानव-पशु सह-अस्तित्व की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। ISAE-2026 विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों के बीच संवाद, शोध सहयोग और नए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है।

सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. विजय पाल सिंह ने कहा कि भारत में इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सम्मेलन की थीम ‘Shared Worlds’ भारत की उस सांस्कृतिक भावना से जुड़ी है, जिसमें पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने की परंपरा रही है।

उन्होंने कहा कि अनुप्रयुक्त एथोलॉजी का उद्देश्य केवल पशु व्यवहार को समझना नहीं, बल्कि इस वैज्ञानिक समझ के आधार पर पशुओं के लिए अधिक नैतिक, वैज्ञानिक और करुणामय व्यवस्थाएं विकसित करना है। कृषि, जैव-चिकित्सा अनुसंधान, वन्यजीव प्रबंधन और साथी पशुओं की देखभाल जैसे क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पशु कल्याण को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि पशु व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन अब केवल अकादमिक शोध तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादकता, मानसिक एवं शारीरिक कल्याण और मानव-पशु संबंधों से है। कृषि एवं पशुपालन में पशुओं के व्यवहार को समझकर बेहतर आवास, पोषण और प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जा सकती है, जबकि वन्यजीवों के व्यवहार संबंधी अध्ययन संरक्षण रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में मददगार हो सकते हैं।

प्रयोगशाला अनुसंधान में भी पशु कल्याण को लेकर नए वैज्ञानिक मॉडल और तकनीकों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जहां पशु प्रयोग आवश्यक हों, वहां उन्हें अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और जिम्मेदार बनाया जाए। साथ ही अनावश्यक पशु प्रयोगों को कम करने के लिए वैकल्पिक और उन्नत शोध मॉडल विकसित किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

GBU में आयोजित ISAE-2026 पशु व्यवहार और पशु कल्याण के क्षेत्र में वैश्विक वैज्ञानिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। सम्मेलन में हो रहा विमर्श मौजूदा शोध तक सीमित न रहकर भविष्य की वैज्ञानिक प्राथमिकताओं, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग की संभावनाओं पर भी केंद्रित है।

यह भी देखे:-

CBSE 10th- 12th RESULT: एस्टर पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा का अव्वल रहा परिणम
ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को भी मिलेगा समान शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के अवसर : डीएम मनीष कुमार...
IBI में "Catalyst 2026" का आगाज़, साइना नेहवाल ने सफलता का दिया मंत्र
लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी बिजनेस एनालिटिक्स और बिग डेटा पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रो...
Job Quest Expo 2026: पहले दिन 1500 अभ्यर्थियों ने दिए इंटरव्यू, 40 कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
Ryan Greater Noida Won Udaan 2022 Badminton Championship 
आईईसी कालेज में टेकफेस्ट “इनोविजन – 2022” का समापन
ग्रेटर नोएडा में GL Bajaj में Smart India Hackathon का ग्रैंड फिनाले 8 दिसंबर से
जीएल बजाज मथुरा के वार्षिकोत्सव में पार्श्व गायक सुखविंदर सिंह के तरानों पर झूमे छात्र
लखनऊ : सीएम योगी ने अपनाया सख़्त रवैया , अधिकरियो को दिए सख़्त दिशा निर्देश
आईआईएमटी कॉलेज समूह में दो दिवसीय इवोल्यूशन एक्सपो-22 कल से
एस्टर पब्लिक स्कूल में पैनोरमा 2023 का आयोजन
Petrol-Diesel Price on 30 Oct: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर हुई बढ़ोतरी
Sharda University Organizes Successful National Multidisciplinary Conference on Recent Advances in M...
जीएल बजाज संस्थान में एनवीडीया एआई लर्निंग एंड रिसर्च सेंटर का इसरो के एक्स चेयरमैन डॉक्टर के. सिवा...
एकेटीयू द्वारा समय पर दाखिलों की अनुमति न देना ,कॉलेज प्रबंधन व छात्रों के लिए बना चुनौती, जल्द निका...