जीएनआईओटी में आईपीआर जागरूकता कार्यशाला, पेटेंट और डिजाइन फाइलिंग की दी जानकारी
75 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, नवाचारों और शोध कार्यों की सुरक्षा पर हुई चर्चा
ग्रेटर नोएडा, 8 अगस्त। ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन (NIPAM) के अंतर्गत राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान (RGNIIPM), भारत सरकार, नागपुर के सहयोग से ‘बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), पेटेंट एवं डिजाइन फाइलिंग’ विषय पर ऑनलाइन जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता कुमार राजू, सहायक नियंत्रक, पेटेंट एवं डिजाइन, RGNIIPM, नागपुर रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों की मूल अवधारणाओं, पेटेंट एवं औद्योगिक डिजाइन के महत्व, पेटेंट आवेदन की प्रक्रिया तथा नवाचार एवं शोध कार्यों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 75 से अधिक संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों ने सहभागिता की। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों ने आईपीआर से जुड़े विषयों को समझने में रुचि दिखाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) धीरज गुप्ता, निदेशक, जीएनआईओटी (इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट) के संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार आधारित शिक्षा और अनुसंधान की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने नवाचारों को पेटेंट के रूप में विकसित करने तथा भारत को वैश्विक ज्ञान एवं नवाचार केंद्र बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि किसी नवाचार का सृजन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उसकी बौद्धिक संपदा के रूप में सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
कार्यशाला के आयोजन में विभागाध्यक्ष डॉ. मोहित गुप्ता के मार्गदर्शन एवं सहयोग की सराहना की गई। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. श्रीजा और मुकुल अत्री ने किया।
पेटेंट से जुड़े सवालों के मिले जवाब
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने पेटेंट की पात्रता, प्रायर आर्ट सर्च, पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया और नवाचारों के व्यावसायीकरण से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञ ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए पेटेंट प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजकों की ओर से बताया गया कि कार्यशाला में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
