2030 तक 250 अरब डॉलर का होगा भारत का ई-कॉमर्स बाजार : रिपोर्ट
शिपरॉकेट और डेलॉइट ने संयुक्त रूप से “एआई फॉर भारत कॉमर्स: 250 बिलियन डॉलर बिजनेस अवसर को अनलॉक करना” शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार वर्ष 2025 के करीब 90 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक लगभग 250 अरब डॉलर का हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित पर्सनलाइजेशन, स्मार्ट चेकआउट और फुलफिलमेंट तकनीकें ऑनलाइन खरीदारी के अनुभव को नई दिशा देंगी। अध्ययन के मुताबिक, 98 प्रतिशत भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ता इंडिक भाषाओं में कंटेंट देखते हैं, जबकि वर्नाक्युलर वॉइस सर्च तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में व्यवसायों के लिए स्थानीय भाषाओं पर आधारित डिजिटल कॉमर्स रणनीति अपनाना आवश्यक होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, टियर-2 और टियर-3 शहरों के उपभोक्ता भारत के 60 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन खरीदारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 488 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता देश की कुल सक्रिय इंटरनेट आबादी का 55 प्रतिशत हैं।
अध्ययन में बताया गया है कि एआई आधारित पर्सनलाइजेशन से कन्वर्जन रेट 2.1 गुना और औसत ऑर्डर वैल्यू 3.4 गुना तक बढ़ सकती है। वहीं, 90 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ताओं का मानना है कि जेनरेटिव एआई ने उनके ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव को बेहतर बनाया है।
रिपोर्ट में एआई आधारित पर्सनलाइजेशन, कन्वर्जन इंटेलिजेंस और भारत-केंद्रित डिजिटल अपनाने को ई-कॉमर्स उद्योग की भविष्य की वृद्धि के तीन प्रमुख आधार बताया गया है।
