जापानी प्रतिनिधिमंडल ने किया गलगोटियास विश्वविद्यालय का दौरा, ग्रीन हाइड्रोजन-ईवी और सेमीकंडक्टर पर होंगे संयुक्त शोध
ग्रेटर नोएडा, 22 जुलाई। गलगोटियास विश्वविद्यालय में बुधवार को जापान के सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया। इस दौरान भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
बैठक में विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सेमीकंडक्टर जैसी भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों पर संयुक्त शोध, तकनीकी आदान-प्रदान और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। इसके अलावा अन्य विषयों में भी साझेदारी की संभावनाओं पर विचार किया गया।
विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि जापान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह दौरा ग्रेटर नोएडा की बढ़ती पहचान को एक प्रमुख शैक्षणिक, औद्योगिक और परिवहन हब के रूप में भी स्थापित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये प्रारंभिक चर्चाएं जल्द ही संयुक्त शोध परियोजनाओं, छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ साझेदारी में बदलेंगी, जिससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।
बैठक में भारत और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों, लोकतांत्रिक मूल्यों और तकनीकी सहयोग पर भी चर्चा हुई। जापान की उन्नत विनिर्माण क्षमता, स्वच्छ ऊर्जा तकनीक और औद्योगिक नवाचार को भारत की युवा प्रतिभा और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ जोड़कर नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त शोध कार्यक्रम, फैकल्टी एवं छात्र विनिमय, पीएचडी शोध सहयोग और विश्वविद्यालय-उद्योग साझेदारी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस सहयोग से छात्रों को स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ परिवहन और अगली पीढ़ी की विनिर्माण तकनीकों में वैश्विक स्तर का अनुभव मिलेगा।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश और जापान के बीच स्वच्छ ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। राज्य को ग्रीन हाइड्रोजन, ईवी कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर निवेश का उभरता केंद्र बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आने वाले सप्ताहों में दोनों पक्षों के बीच आगे की बैठकों के बाद इन चर्चाओं को ठोस शोध परियोजनाओं, शैक्षणिक आदान-प्रदान और उद्योग साझेदारी का रूप दिया जाएगा। गलगोटियास विश्वविद्यालय भविष्य में भी समाजोपयोगी शिक्षा, नवाचार और वैश्विक अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
