गौतमबुद्धनगर में आरटीआई के 220 लंबित मामलों पर राज्य सूचना आयुक्त सख्त, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने शनिवार को गौतमबुद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) के गेस्ट हाउस में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम-2005 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्व, लोक निर्माण विभाग और पुलिस विभाग के जन सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों ने भाग लिया।
समीक्षा के दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि जनपद गौतमबुद्धनगर में आरटीआई से जुड़े 220 मामले लंबित हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए जन सूचना अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदकों को स्पष्ट, पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं, जबकि प्रथम अपीलीय अधिकारी अपीलों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
बैठक में राज्य सूचना आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यालय के बाहर जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी प्रदर्शित की जाए। जिन कार्यालयों में यह व्यवस्था नहीं है, वहां इसे तत्काल लागू किया जाए।
उन्होंने सभी विभागों को अपनी वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट रखने, आरटीआई से संबंधित अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव करने और निर्धारित प्रारूप-3 के अनुसार रजिस्टर का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि किसी विभाग को दूसरे विभाग से संबंधित आरटीआई आवेदन प्राप्त होता है तो उसे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पांच दिनों के भीतर संबंधित विभाग को हस्तांतरित किया जाए।
बैठक में उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, डीसीपी मुख्यालय शव्या गोयल, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, तहसीलदार सदर पूजा चौधरी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कंचन, प्रशासनिक अधिकारी अरविंद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
