ग्रेटर नोएडा में यूपी रेरा का 44वां रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण शुरू, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था पर जोर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में 44वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी परिसर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से शुरू हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 52 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रमाणित एवं पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट बनने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने ऑनलाइन किया, जबकि दीप प्रज्ज्वलन राजस्व अधिकारी अंशुमान सिंह और डिप्टी सचिव पंकज सक्सेना ने किया। इस अवसर पर सचिव महेंद्र वर्मा, प्रमुख सलाहकार अबरार अहमद, संयुक्त सचिव के.के. सिंह, वित्त सलाहकार सुधांशु त्रिपाठी तथा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर मोहित अवस्थी भी ऑनलाइन जुड़े।
अपने संबोधन में चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रशिक्षण और प्रमाणन की व्यवस्था रियल एस्टेट क्षेत्र को अनुशासित, जवाबदेह और नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रेरा अधिनियम, नियमों और विनियमों की व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र की पुरानी चुनौतियों का असर प्रमोटरों, एजेंटों और गृह खरीदारों पर पड़ा है। इन्हीं समस्याओं के समाधान और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा उपभोक्ता हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेरा की स्थापना की गई। यूपी रेरा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में एक भरोसेमंद और पारदर्शी रियल एस्टेट व्यवस्था विकसित करना है।
प्रशिक्षण के पहले दिन राजस्व रिकवरी अधिकारी अंशुमान सिंह ने रेरा अधिनियम, यूपी रेरा नियम एवं विनियम पर सत्र लिया। हरप्रीत सिंह ने उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम-2010 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी, जबकि अधिवक्ता अतुल सिंह ने आवंटियों के अधिकार एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की।
यूपी रेरा के अनुसार एजेंट पंजीकरण से पहले प्रशिक्षण और प्रमाणन को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि रियल एस्टेट क्षेत्र में पेशेवर मानकों को मजबूत किया जा सके और गृह खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो।
प्राधिकरण ने बताया कि अब तक लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में 43 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के लिए 2,900 से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 1,904 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। साथ ही 39वें प्रशिक्षण बैच तक के परीक्षा परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं।
