तेज बारिश में अलर्ट मोड पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जलभराव वाले इलाकों में दिनभर चला राहत अभियान
ग्रेटर नोएडा। बुधवार रात और गुरुवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रहे तथा जहां भी जलभराव की सूचना मिली, वहां तत्काल पंप लगाकर पानी की निकासी कराई गई।
सीईओ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में रहकर जलभराव की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके बाद वर्क सर्किल के सुपरवाइजर से लेकर प्रभारी तक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करते रहे और जलभराव की स्थिति की नियमित जानकारी साझा करते रहे।
बारिश के दौरान जिन सड़कों पर पानी जमा हुआ, वहां ड्रेनेज सिस्टम और नालियों की तत्काल सफाई कराकर जलनिकासी सुनिश्चित की गई। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने ईकोटेक-2 एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जबकि एसीईओ सुमित यादव ने ईकोटेक-3 और 130 मीटर रोड का जायजा लिया।
इसके अलावा महाप्रबंधक एके सिंह और उप महाप्रबंधक विजय कुमार रावल भी लगातार फील्ड में मौजूद रहे। विजय कुमार रावल ने बैनेट विश्वविद्यालय, सिरसा गोलचक्कर, ट्रकर्स प्वाइंट सहित आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर जलनिकासी व्यवस्था का जायजा लिया। प्रमुख गोलचक्करों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की गई थीं ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
प्राधिकरण ने वर्क सर्किल और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाकर ग्रामवार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नालों की सफाई भी तेज कर दी है। वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, नागेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह, प्रभात शंकर सहित सभी प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और सुपरवाइजर भी बारिश के दौरान फील्ड में सक्रिय रहकर जलभराव की समस्या के समाधान में जुटे रहे। प्राधिकरण का दावा है कि त्वरित कार्रवाई के चलते अधिकांश स्थानों पर कम समय में जलनिकासी कर यातायात को सामान्य बनाए रखा गया।
