10% प्लॉट की मांग पर फिर गरजे किसान, 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर महापंचायत का ऐलान
ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसान सभा, किसान एकता संघ और किसान परिषद ने 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत और आंदोलन का ऐलान किया है। स्वर्ण नगरी स्थित प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में किसान नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से लंबित 10% विकसित प्लॉट, नया भूमि अधिग्रहण कानून, आबादी प्रकरणों के निस्तारण और सर्किल रेट संशोधन जैसे मुद्दों पर अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि 2023 और 2024 के किसान आंदोलनों के दौरान सरकार और प्रशासन ने कई बार समाधान का भरोसा दिया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों में हजारों आबादी प्रकरण लंबित हैं, जबकि एक लाख से अधिक किसान 10% विकसित प्लॉट के अधिकार से वंचित हैं।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें मुकदमों, लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के जरिए दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर शहर बस गया, लेकिन किसान आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मोर्चा के नेताओं ने जनप्रतिनिधियों पर भी किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि गौतमबुद्ध नगर में जमीन का बाजार मूल्य बहुत अधिक होने के बावजूद किसानों को कम दरों पर मुआवजा दिया जा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है।
किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजकों ने दावा किया कि 17 जुलाई की महापंचायत में 10 हजार से अधिक किसानों के शामिल होने की संभावना है। आंदोलन में विभिन्न किसान संगठनों के साथ विपक्षी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 10% विकसित प्लॉट के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी नहीं दी और अन्य लंबित मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महापंचायत को लेकर किसानों ने नारा दिया— “10% प्लॉट लेकर रहेंगे, नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू कराकर रहेंगे।”
