पैकेजिंग उद्योग को राहत दिलाने की मांग, सांसद से मिला आईईए प्रतिनिधिमंडल
ग्रेटर नोएडा, 8 जून 2026। पैकेजिंग उद्योग, विशेषकर कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माण क्षेत्र में जीएसटी की विसंगतियों को लेकर उद्योग जगत की चिंता बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (आईईए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा से मुलाकात कर उद्योग के समक्ष उत्पन्न गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल और अन्य इनपुट पर 18 प्रतिशत जीएसटी देय है, जबकि तैयार उत्पाद पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है। इस इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के कारण उद्योग का लगभग 13 प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) सरकारी विभागों के पास फंसा रहता है, जिससे उद्योगों को कार्यशील पूंजी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है।
आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि आईटीसी रिफंड की प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली है, जिसके कारण उद्योगों की बड़ी राशि लंबे समय तक अटकी रहती है। इसका सबसे अधिक प्रभाव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर पड़ रहा है और उनकी वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से अनुरोध किया कि वे इस विषय को केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं तथा उद्योग प्रतिनिधियों और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित कराने में सहयोग करें, ताकि उद्योग की वास्तविक समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
आईईए ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो अनेक एमएसएमई इकाइयों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है। इसका प्रतिकूल प्रभाव रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
एसोसिएशन ने मांग की कि पैकेजिंग उद्योग में इनपुट और आउटपुट दोनों पर जीएसटी की समान दर लागू की जाए, जिससे इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर समाप्त हो और उद्योगों की कार्यशील पूंजी अनावश्यक रूप से सरकारी विभागों में फंसी न रहे।
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में वित्त मंत्री को पत्र लिखेंगे तथा उद्योग की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक स्तर पर प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में संजीव शर्मा, पी.के. तिवारी, सुशील शर्मा, महिपाल सिंह एवं एम.पी. शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
