सीने में दर्द बना काल, हरियाणवी लोक गायक पेप्सी शर्मा नहीं रहे
गाजियाबाद/निवाड़ी। हरियाणवी लोक कला और रागिनी गायन की दुनिया से एक दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध लोक कलाकार एवं रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक सीने में दर्द की शिकायत होने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
गाजियाबाद जिले के निवाड़ी क्षेत्र स्थित पतला गांव निवासी पेप्सी शर्मा ने अपने हुनर और लोक संस्कृति से जुड़े गीतों के दम पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाई थी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने लोक मंचों पर जो मुकाम हासिल किया, वह क्षेत्र के लिए गर्व का विषय रहा।
पेप्सी शर्मा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों और रागिनी कार्यक्रमों के लोकप्रिय कलाकार थे। उनकी दमदार प्रस्तुति, सहज शैली और लोकभाषा से जुड़े गीतों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता था। उन्होंने वर्षों तक हरियाणवी लोक संस्कृति को मंचों के माध्यम से नई पहचान दिलाने का कार्य किया।
उनके निधन की खबर फैलते ही मोदीनगर, निवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों, प्रशंसकों और कला जगत से जुड़े कलाकारों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीणों का कहना है कि पेप्सी शर्मा ने छोटे से गांव से निकलकर प्रदेश और देश के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। उनका निधन न केवल उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए, बल्कि पूरे हरियाणवी लोक कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
