जीबीयू और रेन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जोरहाट के बीच एमओयू, शोध व अकादमिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा। Gautam Buddha University (जीबीयू) ने शोध, अकादमिक सहयोग और तकनीकी विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Rain Forest Research Institute (आईसीएफआरई-आरएफआरआई), जोरहाट के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान शोध, अकादमिक सहयोग, तकनीकी विकास, क्षमता निर्माण, संसाधन साझा करने और विस्तार गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। साथ ही, आपसी रुचि के क्षेत्रों की पहचान कर संयुक्त कार्य योजनाएं और परियोजना-आधारित समझौते विकसित किए जाएंगे। समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान लागू कानूनों, संस्थागत नीतियों और नैतिक मानकों का पालन सुनिश्चित करेंगे तथा समन्वय के लिए नामित प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावी संवाद बनाए रखेंगे। इसके अलावा, बाहरी वित्त पोषण प्राप्त करने और संयुक्त रूप से ग्रांट प्रस्ताव तैयार करने पर भी कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सहयोग छात्रों और शिक्षकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा संयुक्त शोध परियोजनाओं के माध्यम से समाज को भी लाभ पहुंचेगा।
वहीं, आईसीएफआरई-आरएफआरआई के निदेशक डॉ. नितिन कुलकर्णी ने कहा कि यह साझेदारी भविष्य में ठोस परिणाम देने वाली गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने बताया कि संस्थान वनिकी और जैव विविधता के क्षेत्र में अग्रणी है, जिसके तहत औषधीय पौधों, बांस एवं बेंत अनुसंधान, जैव विविधता आकलन और वन आधारित उत्पादों के विकास जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्य की व्यापक संभावनाएं हैं।
एमओयू के साथ ही जीबीयू ने एक बार फिर प्रमुख शोध संस्थानों के साथ सार्थक साझेदारी कर छात्रों और शिक्षकों को बेहतर अवसर प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
