10वें वर्ष में पहुंचा यूपी रेरा, हर साल 1 मई को ‘रेरा दिवस’ मनाने का फैसला
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर, 05 मई 2026। Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority (यूपी रेरा) ने अपने 10वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर एक अहम निर्णय लेते हुए हर वर्ष 1 मई को ‘रेरा दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। प्राधिकरण का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा को और मजबूत करना है।
पिछले नौ वर्षों में यूपी रेरा ने इन उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्राधिकरण के अनुसार, वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए। वर्ष 2025 में पंजीकरण में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में ही 106 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हो चुके हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 19 प्रतिशत अधिक हैं।
एनसीआर से आगे बढ़ा रियल एस्टेट विस्तार
गौतमबुद्ध नगर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद पारंपरिक रूप से रियल एस्टेट के प्रमुख केंद्र रहे हैं, लेकिन अब यह विकास राज्य के अन्य हिस्सों तक भी फैल रहा है। वर्ष 2025 में Lucknow से 67 और गौतमबुद्ध नगर से 69 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं, जो राज्य में संतुलित विकास और निवेश के विस्तार को दर्शाता है।
आवासीय इकाइयों और निवेश में तेज उछाल
यूपी रेरा के तहत वर्ष 2023 में 55,297, वर्ष 2024 में 69,365 और वर्ष 2025 में 84,976 आवासीय इकाइयों का प्रस्ताव किया गया। इस प्रकार तीन वर्षों में कुल 2,09,638 इकाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। वहीं, वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में 33,206 इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।
निवेश के आंकड़े भी तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2023 में ₹28,411 करोड़ का निवेश प्रस्तावित था, जो 2024 में बढ़कर ₹44,526 करोड़ और 2025 में ₹68,328 करोड़ तक पहुंच गया। वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ₹25,156 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया, जो राज्य में बढ़ते निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
घर खरीदारों को बड़ी राहत
यूपी रेरा ने घर खरीदारों के हितों की रक्षा करते हुए 6,252 रिकवरी सर्टिफिकेट के जरिए ₹1,581 करोड़ की राशि वसूल कर आवंटियों को दिलाई है। वहीं, 1,777 मामलों में समझौते के माध्यम से ₹545 करोड़ की वसूली की गई। इस प्रकार कुल 8,029 आवंटियों को ₹2,126 करोड़ की राहत मिली है।
विवाद निस्तारण में प्रभावी भूमिका
रेरा पीठों, सुलह मंच और आपसी समझौते के जरिए कुल 11,377 मामलों में ₹5,943 करोड़ का निस्तारण किया गया है। यह प्राधिकरण की प्रभावी और पारदर्शी विवाद निवारण प्रणाली को दर्शाता है।
‘रेरा संवाद’ बना भरोसेमंद मंच
कोविड-19 काल में शुरू किया गया ‘रेरा संवाद’ अब एक सशक्त जन शिकायत निवारण मंच बन चुका है। अब तक 198 से अधिक सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 5,287 से अधिक मामलों का समाधान किया गया है।
इस अवसर पर यूपी रेरा के अध्यक्ष Sanjay Bhoosreddy ने कहा कि प्राधिकरण ने पारदर्शिता, जवाबदेही और घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और Yogi Adityanath के नेतृत्व में रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास और निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में यूपी रेरा इस क्षेत्र को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निवेश अनुकूल बनाएगा।
