YSS नोएडा में 18 अप्रैल को होगा भव्य डिवोशनल चैंटिंग, 100 साल पुरानी परंपरा होगी जीवंत

ग्रेटर नोएडा। क्या एक गीत आरोग्य प्रदान कर सकता है? इसी गूढ़ प्रश्न को केंद्र में रखते हुए भक्ति संगीत और आध्यात्मिक साधना की एक अद्भुत परंपरा को पुनर्जीवित करने जा रहा है योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस)। 18 अप्रैल 2026 को वाईएसएस नोएडा आश्रम में “संगीत की दिव्य कला” नामक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो सन् 1926 में न्यूयॉर्क के कार्नेगी हॉल में हुए ऐतिहासिक सामूहिक भक्ति गायन की 100वीं वर्षगांठ को समर्पित है।
यह वही ऐतिहासिक अवसर था जब परमहंस योगानन्द ने हजारों लोगों के साथ “O God Beautiful” का सामूहिक जप कर यह सिद्ध किया था कि संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की सार्वभौमिक भाषा है। उस एक घंटे से अधिक चले सामूहिक जप ने उपस्थित लोगों को गहन शांति, आनंद और यहां तक कि मानसिक एवं शारीरिक आरोग्य का अनुभव कराया था।

भक्ति गायन की आध्यात्मिक शक्ति

योगानन्द द्वारा प्रस्तुत “कॉस्मिक चैंट्स” यानी आध्यात्मीकृत गीत साधारण संगीत से भिन्न माने जाते हैं। ये गीत ध्यान की गहराइयों से उत्पन्न होते हैं और बार-बार जप करने पर शक्तिशाली स्पंदनों का रूप ले लेते हैं। इस प्रक्रिया को ध्यान साधना में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जप के माध्यम से—
मन शीघ्र ही बाहरी विकर्षणों से हटकर अंतर्मुखी होता है
एकाग्रता और उत्साह में वृद्धि होती है
शरीर में ऑक्सीजन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे साधक सजग बना रहता है।

आधुनिक जीवन में भक्ति संगीत का महत्व
आज के डिजिटल युग में जहां लोग प्लेलिस्ट के माध्यम से अपनी मनोदशा नियंत्रित करते हैं, वहीं कॉस्मिक चैंट्स उससे कहीं आगे जाकर व्यक्ति को आंतरिक शांति और ईश्वर से जुड़ाव की अनुभूति कराते हैं। योगानन्द के अनुसार, ध्वनि ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली शक्ति है, जो साधक को भावनाओं से परे एक उच्च चेतना की अवस्था में ले जा सकती है।

अनुभवों से प्रमाणित परंपरा

योगानन्द की शिष्या दया माता के अनुभवों में भी इस साधना की शक्ति झलकती है। उन्होंने एक जप सत्र के दौरान गहन आध्यात्मिक आनंद और समाधि जैसी अवस्था का अनुभव किया था, जिसे स्वयं योगानन्द ने विशेष रूप से सराहा।
साधकों का मानना है कि नियमित जप जीवन के कठिन समय में मार्गदर्शक “ध्रुव तारा” बन सकता है और व्यक्ति को सकारात्मकता एवं धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
शताब्दी समारोह में विशेष आयोजन
वाईएसएस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सन् 1926 के उसी दिव्य वातावरण को पुनः सृजित करने का प्रयास होगा। कार्यक्रम में निर्देशित जप, ध्यान और सामूहिक भक्ति गायन के माध्यम से प्रतिभागियों को एक गहन आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम विवरण
तिथि: शनिवार, 18 अप्रैल 2026
स्थान: वाईएसएस नोएडा आश्रम
प्रमुख आकर्षण: निर्देशित जप, ध्यान एवं सामूहिक भक्ति गायन

मुख्य आकर्षण
1926 के ऐतिहासिक कार्नेगी हॉल कार्यक्रम की पुनर्रचना
कॉस्मिक चैंट्स के माध्यम से तनाव मुक्ति और मानसिक शांति
जप के जरिए एकाग्रता बढ़ाने की कला
आध्यात्मिक संगीत की 100 वर्ष पुरानी परंपरा का अनुभव
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल साधकों के लिए ही नहीं, बल्कि संगीत प्रेमियों और आंतरिक शांति की तलाश कर रहे प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक विशेष अवसर है, जहां संगीत के माध्यम से आत्मिक जागरण का अनुभव किया जा सकता है।

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