“न्यू नोएडा के नाम पर जमीन नहीं देंगे” — 16 अप्रैल को प्राधिकरण पर महापंचायत का ऐलान
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गांव याकूतपुर में भारतीय किसान यूनियन की पंचायत आयोजित हुई, जिसमें किसानों ने नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 16 अप्रैल को मटरू नागर स्थित नोएडा प्राधिकरण पर महापंचायत करने का ऐलान किया। पंचायत में “हर जोर जुल्म की टक्कर पर संघर्ष हमारा नारा है” के साथ आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई गई।
पंचायत की अध्यक्षता जगत प्रधान ने की, जबकि संचालन योगेश भाटी ने किया। इस दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि न्यू नोएडा के नाम पर प्राधिकरण किसानों की जमीन कम दरों पर खरीद रहा है। बेली भाटी ने कहा कि प्राधिकरण 4300 प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन ले रहा है, जबकि लंबे समय से सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। किसानों द्वारा कई बार मांग उठाने के बावजूद बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के सर्किल रेट एक समान कर दिए गए हैं, जो किसानों के साथ धोखा है। अमित दाता ने कहा कि पंचायत व्यवस्था खत्म होने से गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। गांवों में सड़कों, गलियों और बारात घर जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जबकि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
किसानों ने साफ कहा कि जब तक गांवों में विकास कार्य नहीं होंगे और सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, तब तक वे अपनी जमीन प्राधिकरण को नहीं देंगे।
राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना ने किसानों से आह्वान किया कि 16 अप्रैल को होने वाली महापंचायत की तैयारियों में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसानों और मजदूरों के अस्तित्व की है और किसी भी कीमत पर दादरी क्षेत्र के किसानों की जमीन को न्यू नोएडा के नाम पर लूटने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि पहले प्राधिकरण को किसानों की लंबित समस्याओं—5% और 10% आबादी का निस्तारण, गांवों का विकास, रोजगार और अन्य मुद्दों—का समाधान करना होगा, तभी कोई आगे की बात होगी।
पंचायत में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और “संघर्ष से समाधान तक” के संकल्प के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
