इलाहाबाद हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पंचशील हायनिश के 29 फ्लैट मालिकों को बड़ी राहत, 90 दिन में रजिस्ट्री का आदेश
ग्रेटर नोएडा, 9 अप्रैल 2026। Allahabad High Court के एक अहम फैसले ने पंचशील हायनिश के टावर-12 के फ्लैट मालिकों को बड़ी राहत दी है। वर्षों से लंबित रजिस्ट्री विवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि याचिका दायर करने वाले 29 फ्लैट मालिकों की सब-लीज (रजिस्ट्री) प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी की जाए।
पंचशील हायनिश परियोजना के कुल 12 टावरों में से टावर-11 और टावर-12 की रजिस्ट्री लंबे समय से अटकी हुई थी। टावर-12 में 150 से अधिक परिवार रह रहे हैं, लेकिन ताजा फैसला केवल उन 29 फ्लैट मालिकों के पक्ष में आया है, जिन्होंने सामूहिक रूप से कोर्ट का रुख किया था। इन फ्लैट मालिकों ने वर्षों पहले पजेशन लेने के साथ स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान भी कर दिया था, इसके बावजूद तकनीकी कारणों से रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही थी।
न्याय पाने के लिए निवासियों ने पहले बिल्डर, प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद 29 फ्लैट मालिक एकजुट हुए और कानूनी लड़ाई शुरू की। इस याचिका में सौरभ ठुकराल, शैवाल गोस्वामी, प्रीतम सोनी, निशांत कुमार झा और क्रांति मिश्रा प्रमुख रूप से शामिल रहे। अदालत में इनका पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह ने मजबूती से रखा।
रजिस्ट्री लंबित रहने से फ्लैट मालिकों को लंबे समय तक आर्थिक और मानसिक दबाव झेलना पड़ा। कई निवासियों ने बैंक से होम लोन लिया हुआ था, जिसके चलते बैंकों द्वारा लगातार रजिस्ट्री दस्तावेज जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था। समय पर दस्तावेज न देने पर पेनल्टी और ब्याज बढ़ाने की चेतावनी भी दी जा रही थी।
सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए संबंधित प्राधिकरण को 90 दिनों के भीतर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। फैसले के बाद टावर-12 के निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ ठुकराल ने कहा कि यह सिर्फ 29 परिवारों की जीत नहीं, बल्कि न्याय की जीत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस निर्णय से अन्य फ्लैट मालिकों को भी जल्द राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने इस सफलता को सभी परिवारों की एकजुटता और धैर्य का परिणाम बताया।
