CBI अधिकारी बनकर 1.29 करोड़ की ठगी करने वाले 2 साइबर अपराधी गिरफ्तार, देशभर में 2.20 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
ग्रेटर नोएडा। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 24/25 मार्च 2026 को संकलित सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मु0अ0सं0 28/2026 से संबंधित वांछित अभियुक्त नरेन्द्र सिंह पुत्र राम सनेही और इन्द्रेश पुत्र ज्ञान सिंह को क्रमशः जनपद आगरा व मध्य प्रदेश के भिंड जिले से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी भिंड (मध्य प्रदेश) के निवासी हैं और इनकी उम्र 23-23 वर्ष है।
जांच में सामने आया है कि अभियुक्त खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर मोटी रकम ठगते थे। एक मामले में आरोपियों ने पीड़ित को धमकाकर 1 करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपये की ठगी की, जिसमें से करीब 48.95 लाख रुपये इन आरोपियों के खातों में पहुंचे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के संयुक्त बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों—उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर—में कुल 8 शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इस संबंध में थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में धारा 308(2), 318(4), 319(2), 61(2) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
साइबर पुलिस की अपील:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या फर्जी निवेश ऑफर पर विश्वास न करें। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती है और कोई भी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती।
साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ आधार, पैन या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
