अब कन्नड़ भाषा में भी उपलब्ध होगा क्रिया योग का ज्ञान, योगदा सत्संग सोसाइटी का बड़ा कदम
Yogoda Satsanga Society of India (वाईएसएस) द्वारा जल्द ही कन्नड़ भाषा में “योगदा सत्संग लेसन्स” शुरू किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से कन्नड़ भाषी साधकों को उनकी मातृभाषा में प्राचीन और वैज्ञानिक क्रिया योग ध्यान की शिक्षाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे आध्यात्मिक साधना को अधिक सहजता से अपने जीवन में अपना सकें।
1917 में महान आध्यात्मिक गुरु Paramahansa Yogananda द्वारा स्थापित इस संस्था ने एक सदी से अधिक समय से भारत की सनातन आध्यात्मिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनकी विश्वविख्यात पुस्तक Autobiography of a Yogi ने लाखों लोगों को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित किया है।
“योगदा सत्संग लेसन्स” के माध्यम से साधक क्रमबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से क्रिया योग ध्यान की प्राचीन विधाओं को सीख सकते हैं। यह प्रणाली उन्हें अपने दैनिक जीवन के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रदान करती है। ये लेसन्स पहले से ही अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में उपलब्ध हैं और देशभर में हजारों साधकों को लाभान्वित कर चुके हैं।
वर्तमान समय में जब विश्व स्तर पर संघर्ष, आर्थिक अस्थिरता और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, ऐसे में ध्यान को आंतरिक शांति और संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। Paramahansa Yogananda की शिक्षाओं के अनुसार, ध्यान के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने भीतर निहित शांति, शक्ति और आनंद का अनुभव कर सकता है।
कन्नड़ भाषा में लेसन्स की शुरुआत के अवसर पर हासन में 22 मार्च को शाम 6:00 बजे से 7:15 बजे तक, धारवाड़ में 25 मार्च को शाम 6:00 बजे से 7:15 बजे तक तथा बेंगलुरु में 29 मार्च को सुबह 11:00 बजे से 12:15 बजे तक विशेष परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में Swami Smaranananda Giri (वरिष्ठ संन्यासी एवं वाईएसएस के उपाध्यक्ष) तथा Swami Shreyananda Giri साधकों को ध्यान के लाभ और Paramahansa Yogananda की शिक्षाओं के विषय में विस्तार से मार्गदर्शन देंगे। इस पहल से कर्नाटक के हजारों साधकों को अपनी मातृभाषा में आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने का सशक्त अवसर मिलेगा।
