जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
- हीट वेव, कोल्ड वेव, एक्यूआई के कारण स्कूल में अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई न हो प्रभावित
- जिलाधिकारी ने बैठक में विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर व्यक्त किया गहरा असंतोष
गौतमबुद्धनगर 16 मार्च, 2026
जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के लिए प्रभावी हीट वेव एक्शन प्लान तैयार किए जाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी ग्रीष्मकाल के दौरान संभावित लू (हीट वेव) की स्थिति से जनसामान्य को सुरक्षित रखने हेतु समन्वित एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना रहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में तापमान में लगातार वृद्धि एवं शहरीकरण के कारण हीट वेव की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे जनस्वास्थ्य, श्रमिक वर्ग, वृद्धजन, बच्चों एवं खुले में कार्य करने वाले व्यक्तियों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। इसलिए जनपद स्तर पर एक सुदृढ़, समयबद्ध एवं बहु-विभागीय हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के लिए तैयार किए जाने वाले सिटी हीट वेव एक्शन प्लान को 20 मार्च 2026 तक अंतिम रूप देकर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रेषित किया जाए। इसके लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें अधिकतम तीन विषय विशेषज्ञ अथवा प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन कर उनकी तकनीकी सहायता भी ली जा रही है।
बैठक में निर्देशित किया गया कि हीट वेव से बचाव हेतु अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रणनीतियों को योजना में शामिल किया जाए। अल्पकालिक रणनीति के अंतर्गत जन-जागरूकता अभियान, मौसम पूर्व चेतावनी प्रणाली, सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था, कूलिंग शेल्टर, छायादार विश्राम स्थल, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सक्रिय रखने जैसे उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे।
मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में ग्रीन एरिया बढ़ाने, मियावाकी जंगल विकसित करने, जलाशयों के पुनर्जीवन, पार्कों एवं खुले स्थलों का संरक्षण, छायादार वृक्षारोपण तथा शहरी हीट आइलैंड प्रभाव को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर निकाय, विकास प्राधिकरण एवं संबंधित विभाग मिलकर ऐसे स्थानों की पहचान करें जहां गर्मी के मौसम में अधिक तापमान का प्रभाव पड़ता है। इन स्थानों पर विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जैसे—शीतल जल की उपलब्धता, अस्थायी कूलिंग शेल्टर, छायादार विश्राम स्थल तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि हीट वेव के दौरान सभी सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयां, ओआरएस, चिकित्सकीय स्टाफ, बेड एवं एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया जाए।
इसके अतिरिक्त श्रम विभाग एवं संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण स्थलों एवं औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए तथा कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया एवं विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हीट वेव कोल्ड वेव, एक्यूआई तथा अन्य कारणों से स्कूलों में अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। समस्त स्कूलों में ऐसी व्यवस्था की जाए कि उपरोक्त कारणों से अवकाश होने पर अन्य दिवसों में पाठ्यक्रम को पूर्ण किया जाए। इस प्रकार स्कूल प्रबंधन समयानुकूल शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करते हुए सिलेबस का कार्य व्यवस्थित रूप से जारी रखें तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक एहतियाती उपाय भी अपनाएं। साथ ही विद्यार्थियों को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए तथा विद्यालय परिसरों में पेयजल, छाया और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि हीट वेव से प्रभावी रूप से निपटने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली, विभागीय समन्वय, जन-जागरूकता और त्वरित रिस्पॉन्स मैट्रिक्स अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने विभाग से संबंधित तैयारियों एवं कार्यवाही का विस्तृत विवरण फोटोग्राफ सहित 07 दिवस के भीतर ईमेल आईडी ddmagbn@gmail.com पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद में सिटी हीट वेव एक्शन प्लान तैयार किए जाने के लिए विषय विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया गया है। इस टीम में व्यवसायिक विशेषज्ञ के रूप में मीनाक्षी लोहानी (प्रोफेसर, भूगोल), कु० मायावती राजकीय महिला पी०जी० कॉलेज, बादलपुर, गौतमबुद्धनगर को नामित किया गया है।
इसके अतिरिक्त विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ० हर मोहन सिंह (सहायक प्रोफेसर, भौतिकी एवं पर्यावरण विज्ञान), शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा, डॉ० सुशील कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज एवं एप्लाइड साइंसेस), गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा तथा डॉ० रजनीश रंजन (सलाहकार, आपदा प्रबंधन) को चिन्हित किया गया है।
उक्त चार सदस्यीय टीम द्वारा जनपद का सिटी हीट वेव एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। बैठक में निर्देश दिए गए कि इस कार्य के लिए यदि टीम द्वारा किसी भी विभाग से कोई डाटा अपेक्षित हो तो संबंधित विभाग द्वारा वह डाटा तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजना को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से तैयार किया जा सके। बैठक में सहायक वैज्ञानिक मेरठ (आईएमडी) अमित अग्रवाल भी अपने डाटा के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। बैठक में विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, डिप्टी कलेक्टर चारुल यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकम सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
