शारदा विश्वविद्यालय में जीवन की उत्पत्ति पर विशेष व्याख्यान, वैज्ञानिक ने समझाया विकासवाद का सफर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में “विकासवाद: रसायन विज्ञान का उदय और जीवविज्ञान का जन्म” विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस विचारोत्तेजक सत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के वैज्ञानिक डॉ. पद्मनाभन बालाराम ने जीवन की उत्पत्ति से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
व्याख्यान के दौरान डॉ. बालाराम ने बताया कि प्रारंभिक पृथ्वी पर मौजूद साधारण रासायनिक यौगिकों से कैसे जटिल जैविक प्रणालियों का विकास हुआ। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार कार्बनिक अणुओं का निर्माण हुआ, स्वयं की प्रतिकृति बनाने वाली प्रणालियां विकसित हुईं और धीरे-धीरे रसायन विज्ञान से प्रारंभिक जैविक प्रक्रियाओं का जन्म हुआ। सत्र में रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और विकासवादी विज्ञान के बीच के संबंधों को भी विस्तार से समझाया गया।
शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता ने कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों और शिक्षकों को विज्ञान के मूलभूत प्रश्नों पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि पद्मनाभन बालाराम जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक का विश्वविद्यालय में आकर अपने अनुभव और ज्ञान साझा करना संस्थान के लिए गर्व की बात है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. एस. ई. हसनैन और डीन रिसर्च प्रो. भुवनेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. सिबाराम खारा, प्रो वाइस चांसलर डॉ. परमानंद सहित विभिन्न विभागों के डीन, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
