61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 का भव्य समापन, अक्टूबर संस्करण की तैयारियों को मिली रफ्तार
ग्रेटर नोएडा/दिल्ली-एनसीआर, 18 फरवरी 2026। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 14 से 18 फरवरी तक आयोजित 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 शानदार समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। उत्साही एवं प्रगतिशील प्रदर्शकों, शिल्पकारों और निर्यातकों की व्यापक उत्पाद श्रृंखला ने लगभग 100 देशों से खरीदारों को आकर्षित किया। समापन अवसर पर 12 उत्पाद श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ डिजाइन एवं डिस्प्ले के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।
समापन समारोह में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विजेताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. नीरज खन्ना (अध्यक्ष, EPCH), डॉ. राकेश कुमार (महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक, EPCH एवं अध्यक्ष, IEML), श्री सागर मेहता (उपाध्यक्ष, EPCH) सहित परिषद के प्रशासनिक समिति सदस्य और अनेक प्रमुख निर्यातक उपस्थित रहे।
मेले के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट तरुण राठी तथा फिल्म निर्देशक–निर्माता अनिल शर्मा ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की विविधता एवं गुणवत्ता की सराहना की।
EPCH के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि पांच गतिविधियों से भरपूर दिनों में मेले ने गतिशीलता और उत्पादक व्यावसायिक संवाद का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों, आयातकों, थोक विक्रेताओं, विदेशी खरीदारों और सोर्सिंग एजेंटों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन स्थल लगातार व्यावसायिक गतिविधियों से गुलजार रहा। उन्होंने विशेष रूप से सस्टेनेबिलिटी को केंद्रीय कारक बताते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों, सर्कुलर डिजाइन सिद्धांतों, प्राकृतिक फाइबर एवं रीसाइकल्ड इनपुट्स का उपयोग खरीदारों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।
IEML के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट को नई व्यावसायिक साझेदारियों का सशक्त मंच बताते हुए कहा कि यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और भारतीय निर्यातकों के बीच संवाद एवं सहयोग को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने बताया कि 900 स्थायी शोरूम, विशाल प्रदर्शनी हॉल्स और 3000 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी ने मेले को वैश्विक सोर्सिंग का प्रमुख केंद्र बना दिया।
उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने जानकारी दी कि विविध मूल्य बिंदुओं पर उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता ने विभिन्न खरीदार आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से संबोधित किया। कई उत्पादों के ऑर्डर मेले के दौरान अंतिम रूप में पहुंचे, जबकि पोस्ट-शो फॉलो-अप्स से और अधिक व्यापार की उम्मीद है। उन्होंने कौशल विकास एवं डिजाइन इंटरवेंशन पहलों से जुड़े नए डिजाइनर–उद्यमियों की भागीदारी को भी उल्लेखनीय बताया।
स्वागत समिति के पदाधिकारियों मोहित चोपड़ा, गौतम नाथनी और आनंद जालान ने खरीदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता, प्रामाणिकता और प्रतिस्पर्धी मूल्य वैश्विक बाजार में मजबूत प्रभाव छोड़ रहे हैं। वस्त्र, धातु शिल्प, प्राकृतिक फाइबर, सस्टेनेबल उत्पाद और लकड़ी का फर्नीचर प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरे।
EPCH के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत के अनुसार, मेले में लगभग 100 देशों से 5200 विदेशी खरीदार एवं उनके प्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे अनुमानित 2200 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। साथ ही 1500 से अधिक घरेलू खरीदारों ने भी भागीदारी की। समापन समारोह में 12 उत्पाद श्रेणियों में अजय शंकर एवं पी.एन. सूरी मेमोरियल अवार्ड फॉर बेस्ट डिजाइन डिस्प्ले प्रदान किए गए।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) देश से हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने वाली नोडल संस्था है, जो लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। परिषद के अनुसार, वर्ष 2024–25 में हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) दर्ज किया गया।
