India AI Impact Summit 2026: एरा यूनिवर्सिटी के एआई हेल्थकेयर समाधानों ने खींचा ध्यान
नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के तीसरे दिन एरा यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर गतिविधियां और उत्साह चरम पर रहा। स्टॉल पर प्रदर्शित एआई आधारित हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी समाधानों ने आगंतुकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
स्टॉल पर मौजूद हरि शंकर (हेड ऑपरेशंस) ने एआई-सक्षम सिस्टम के प्रभावशाली परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि यह तकनीक अस्पतालों में भर्ती मरीजों के दर्द और पीड़ा को कम करने, उपचार को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने, इलाज की लागत घटाने तथा मृत्यु दर में कमी लाने में सहायक सिद्ध हो रही है। रियल-टाइम रिमोट मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और एआई-सक्षम NABH प्रोटोकॉल के अंतर्गत मशीन लर्निंग आधारित क्लीनिंग मॉनिटरिंग सिस्टम को सेप्सिस और हॉस्पिटल अक्वायर्ड इंफेक्शंस (HAIs) को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नवाचार बताया गया।
एरा यूनिवर्सिटी द्वारा VR और एनीमेशन आधारित स्किल ट्रेनिंग मॉड्यूल भी प्रस्तुत किए गए, जिनका उद्देश्य दक्ष और प्रशिक्षित हेल्थकेयर वर्कर्स तैयार करना है। इन मॉड्यूल्स को स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में उपयोगी माना जा रहा है।
स्टॉल पर अक्षरधाम से जुड़े महंत Shri AksharanandDas Swami ने भी भ्रमण किया और अपने अस्पताल के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने में रुचि दिखाई। वहीं चार आईवीएफ सेंटर के संचालक श्री गुप्ता ने उत्पादों की सराहना करते हुए अपने केंद्रों के लिए समाधान उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
“Vital Quest” क्विज गेम में भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरे दिन स्टॉल पर आकर्षक और संवादात्मक माहौल बना रहा। कई कंपनियों और विश्वविद्यालयों की ओर से सहयोग (Collaboration) के प्रस्ताव भी सामने आए, जो संभावित तकनीकी साझेदारियों का संकेत देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आईटी हेड इसरार, Truforma Games के हेड शमीम और उनकी टीम ने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया। Criterion Tech के सीईओ एवं फाउंडर ज़ाव अली खान तथा एरा यूनिवर्सिटी के डीन Dr. MMA Faridi ने भी आगंतुकों से मुलाकात कर तकनीकी पहलों पर चर्चा की। स्टॉल पर कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) और सहयोग की संभावनाएं प्रबल होती दिखाई दीं।
समिट में एरा यूनिवर्सिटी की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्वास्थ्य सेवाएं भविष्य के “स्मार्ट हॉस्पिटल” मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
