लापरवाही से बस चलाने पर सरकारी चालक को 2 साल की सजा
गौतमबुद्धनगर, 17 फरवरी 2026। वर्ष 2019 के एक गंभीर सड़क हादसे के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम गौतमबुद्धनगर Mayank Tripathi के न्यायालय ने दिल्ली परिवहन की बस के सरकारी चालक किशनलाल को दोषी ठहराते हुए 02 वर्ष की सजा एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले के अनुसार, 24 मई 2019 को शाम लगभग 3:45 बजे वादी ब्रह्माशंकर की बेटी लोरी कराटे प्रशिक्षण से लौट रही थी। आरोप है कि सेक्टर-20 के पास बस संख्या DL 01 PC 0087 को लापरवाही से चलाते हुए चालक किशनलाल ने लोरी के बाएं पैर पर बस का पहिया चढ़ा दिया। हादसे के चलते लोरी का बायां पैर काटना पड़ा और बाद में उसे कृत्रिम पैर लगवाना पड़ा।
अभियोजन अधिकारी गौतमबुद्धनगर Rajesh Shukla ने बताया कि न्यायालय ने वादी एवं पीड़िता के बयानों के आधार पर अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 338 के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने दो साल की सजा के साथ 2000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
निर्णय में न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय सरकारी चालकों का दायित्व सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा अधिक होता है, इसलिए उनसे विशेष सावधानी की अपेक्षा की जाती है।
