शारदा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज़ में OMFS डे उत्साह के साथ मनाया गया
ग्रेटर नोएडा। शारदा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज़ में ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी डे (OMFS डे) बड़े उत्साह और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दंत एवं चेहरे से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित करना रहा।
इस अवसर पर रचनात्मक गतिविधियों के अंतर्गत छात्रों ने OMFS डे की थीम पर आकर्षक रंगोली प्रस्तुतियाँ तैयार कीं। रंगों और कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से मौखिक स्वास्थ्य, चेहरे की जटिल सर्जरी, तथा समय पर उपचार के महत्व का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया। रंगोली प्रतियोगिता में बीडीएस अंतिम वर्ष की छात्राओं प्राची, पूजा और निकांक्षा ने अपनी उत्कृष्ट रचनात्मकता एवं अर्थपूर्ण प्रस्तुति के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसकी निर्णायकों एवं शिक्षकों ने सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी चेहरे की चोटों, मुंह की बीमारियों और अन्य जटिल स्थितियों के उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र में बढ़ती तकनीकी प्रगति और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. हेमंत साहनी, डीन, स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज़ ने कहा, “सच्ची स्वास्थ्य सेवा जागरूकता से शुरू होती है। जब हम छात्रों को OMFS के बारे में शिक्षित करते हैं, तो हम ऐसे भविष्य के विशेषज्ञ तैयार करते हैं जो ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता के साथ समाज की सेवा कर सकें।”
वहीं डॉ. सचिन कुमार, विभागाध्यक्ष, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ने कहा, “OMFS डे हमें याद दिलाता है कि दंत चिकित्सा केवल दांतों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे चेहरे के संतुलन, कार्यक्षमता और मरीजों के आत्मविश्वास से जुड़ी है।”
इस अवसर पर डॉ. रोहित शर्मा, डॉ. पल्लवी, तथा डायरेक्टर पीआर अजीत कुमार सहित अन्य फैकल्टी मेंबर्स एवं छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने जागरूकता और शैक्षणिक संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
