विधानसभा में मुख्यमंत्री का संबोधन: अपराध से अनुशासन तक की यात्रा का उल्लेख
लखनऊ, 13 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास नीतियों और शासन दृष्टि पर विस्तार से विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने “अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास” की यात्रा तय की है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास और विकास का प्रदेश बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार केवल प्रशासनिक परिवर्तन नहीं, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, दृढ़ इच्छाशक्ति और सुशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
विपक्ष के आचरण पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अवसर सरकार की नीतियों और योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसकी गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शेरो-शायरी का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की आवश्यकता पर बल दिया।
कानून-व्यवस्था और “परसेप्शन” पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की छवि वर्षों के अनुभवों से बनती है। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में भयमुक्त वातावरण स्थापित हुआ है तथा “जीरो टॉलरेंस” नीति के माध्यम से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि निवेश, उद्योग और सामाजिक स्थिरता के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था अनिवार्य है।
अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के लिए आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, निःशुल्क राशन और पेंशन जैसी सुविधाएं निरंतर जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुआयामी गरीबी से बाहर आए लाभार्थियों को अन्य योजनाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। शासन का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
पुलिस सुधार और आधुनिक सुरक्षा तंत्र
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के आधुनिकीकरण और भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए बताया कि महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साइबर अपराध से निपटने के लिए सभी जिलों में साइबर थानों और हेल्प डेस्क की स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने फॉरेंसिक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की बात कही, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बन सके।
“बीमारू” छवि से उभरता प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकलकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना रहा है। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण के व्यवस्थित प्रस्तुतीकरण को पारदर्शिता और विकासोन्मुख शासन का प्रतीक बताया।
ट्रिपल-टी: टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को “ट्रिपल-टी — टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की त्रिवेणी बताते हुए कहा कि सुशासन, तकनीकी नवाचार और जनविश्वास के आधार पर प्रदेश नई विकास यात्रा की ओर अग्रसर है।
लोकतांत्रिक बहस को बताया शक्ति
मुख्यमंत्री ने चर्चा में भाग लेने वाले सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ और सार्थक बहस लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी सदस्यों की भागीदारी की सराहना करते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने पर बल दिया।
