जीआईएमएस में “एआई स्टार्टअप क्लिनिक – एपिसोड 3” आयोजित, चिकित्सकों के लिए एआई पर विशेष फोकस
- रोगी सुरक्षा, नैतिक उपयोग और क्लिनिकल वैधता पर विशेषज्ञों का जोर
ग्रेटर नोएडा। Government Institute of Medical Sciences (GIMS) में 13 फरवरी को ‘जीआईएमएस एआई स्टार्टअप क्लिनिक – एपिसोड 3 (डॉक्टर-केंद्रित संस्करण)’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “चिकित्सा में एआई – प्रत्येक चिकित्सक को एआई का न्यूनतम ज्ञान” रहा, जो चिकित्सकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित, नैतिक एवं क्लिनिकल रूप से मान्य उपयोग पर केंद्रित एक संरचित क्षमता निर्माण पहल का हिस्सा था।
कार्यक्रम का उद्घाटन अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ Sujata Sharma के मुख्य वक्तव्य से हुआ। उन्होंने रोगी-केंद्रित एआई, क्लिनिकल रूप से प्रमाणित चिकित्सा उपकरणों, नैतिक उपयोग और सुदृढ़ नियामक ढांचे की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एआई का उद्देश्य चिकित्सकीय निर्णय को सशक्त बनाना और रोगी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना होना चाहिए।
निदेशक Rakesh Gupta ने “सुरक्षित, मान्यताप्राप्त एवं भविष्य का एआई” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए एआई के साक्ष्य-आधारित और डॉक्टर-नेतृत्वित समावेशन पर जोर दिया। वहीं Rahul, सीईओ, सीएमआई–जीआईएमएस ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत कर इसे “डॉक्टरों द्वारा, डॉक्टरों के लिए” एक महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण मंच बताया।
सत्रों में विभिन्न विशेषज्ञों ने एआई के बुनियादी सिद्धांत, क्लिनिकल उपयोग, नियामक मार्ग, तैनाती की चुनौतियाँ, महिला स्वास्थ्य में एआई की भूमिका और भविष्य की तकनीकी दिशाओं पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में Mahyogi Gorakhnath University से चिकित्सकों की विशेष टीम आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रही, जिससे अकादमिक संवाद को नई दिशा मिली।
आयोजन का समापन खुली चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें चिकित्सकों ने एआई की व्यवहारिक उपयोगिता और नैतिक पक्षों पर अपने प्रश्न रखे।
आगामी पहल
संस्थान ने घोषणा की कि वह आगामी India AI Impact Summit में सक्रिय भागीदारी करेगा। इसी क्रम में ‘जीआईएमएस एआई स्टार्टअप क्लिनिक’ का चौथा संस्करण 18 तारीख को Bharat Mandapam में आयोजित किया जाएगा। यह पहल अस्पताल-आधारित, डॉक्टर-नेतृत्वित और क्लिनिकल रूप से मान्य एआई नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
