आईआईएमटी में ऐतिहासिक “छात्र संसद”, शुभांशु शुक्ला ने युवाओं में भरा जोश
- “बॉर्डरलेस भारत कॉन्क्लेव” में 4 हजार से अधिक छात्रों की सहभागिता, लोकतंत्र और नेतृत्व पर हुआ मंथन
ग्रेटर नोएडा। IIMT Group of Colleges में आयोजित “बॉर्डरलेस भारत कॉन्क्लेव” के तहत ‘छात्र संसद’ का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जिसमें चार हजार से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन में देश और विदेश की प्रतिष्ठित हस्तियों ने एक मंच से युवाओं को नेतृत्व, लोकतंत्र, कूटनीति और वैश्विक भारत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेरित किया।
कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश K. G. Balakrishnan, ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla, अर्जेंटीना के राजदूत Mariano A. Caucino, Praful Billore, तथा शिया स्कॉलर Kalbe Rushaid Rizvi सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर Mayank Agarwal ने किया।
इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला विशेष आकर्षण के केंद्र रहे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “धरती की तरह अंतरिक्ष में कोई सीमाएं नहीं होतीं। आज का युवा बेहद काबिल है, उसे केवल सही दिशा की आवश्यकता है। 2047 तक विकसित भारत का सपना युवा शक्ति ही साकार करेगी।” उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को छात्रों के व्यक्तित्व विकास और जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मैनेजिंग डायरेक्टर मयंक अग्रवाल ने कहा कि संस्थान सदैव राष्ट्र निर्माण और युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। ‘बॉर्डरलेस भारत’ का उद्देश्य युवाओं को सीमाओं से परे सोचने और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका को समझने के लिए प्रेरित करना है।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश के. जी. बालकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा, “एक जागरूक और शिक्षित युवा पीढ़ी ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।” वहीं अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए. कौसिनो ने युवाओं को संदेश दिया कि “देशों की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन विचारों की कोई सीमा नहीं होती।”
कार्यक्रम के दौरान ‘छात्र संसद’ के संस्थापक कुणाल शर्मा और उपाध्यक्ष आदित्य वेग्डा ने भी अपने विचार साझा किए। संवादात्मक सत्र में छात्रों ने प्रतिष्ठित वक्ताओं से विभिन्न समसामयिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिससे आयोजन ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बन गया।
