वैश्विक शिक्षा की ओर बड़ा कदम: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के बीच समझौता
- स्वास्थ्य व जैव-चिकित्सा विज्ञान में संयुक्त शोध, छात्र–शिक्षक विनिमय को मिलेगा बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा। Gautam Buddha University ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए अमेरिका की प्रतिष्ठित Oregon Health & Science University के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध और नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है।
समझौता स्वास्थ्य एवं जैव-चिकित्सा विज्ञान के उन्नत क्षेत्रों में संयुक्त शोध और अकादमिक उत्कृष्टता पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत कैंसर, एजिंग, संक्रामक रोगों तथा मेडिकल रिसर्च जैसे विषयों पर संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। साथ ही, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाएं और विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। भविष्य में उन्नत विज्ञान व स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार होगा।
इस सहयोग से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध वातावरण में कार्य करने, विश्वस्तरीय प्रयोगशालाओं तक पहुंच और वैश्विक विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा। यह पहल छात्रों की रिसर्च स्किल्स, इनोवेशन क्षमता और करियर संभावनाओं को नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों से शोध अनुदान प्राप्त करने के अवसर भी सृजित होंगे।
समझौते में क्षमता निर्माण, ज्ञान-विनिमय, बौद्धिक संपदा संरक्षण और गोपनीयता से जुड़े प्रावधानों पर विशेष बल दिया गया है, ताकि शोध गतिविधियां उच्च नैतिक व पेशेवर मानकों के अनुरूप संचालित हो सकें।
इस अवसर पर कुलपति Rana Pratap Singh ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी विश्वविद्यालय को वैश्विक शोध मंच पर नई पहचान दिलाएगी और नवाचार-आधारित शिक्षा को सशक्त बनाएगी। कार्यक्रम में Sanjay Malhotra, डीन प्लानिंग एंड रिसर्च डॉ इंदु उप्रेती एवं डीन बायोटेक्नोलॉजी प्रो. धनलक्ष्मी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह समझौता विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
