छपरौला में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, हजारों की सहभागिता से गूंजा राष्ट्र-धर्म-संस्कार का स्वर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध नगर के एनटीपीसी खंड अंतर्गत छपरौला मंडल स्थित अमनदीप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल परिसर में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन न केवल विशाल जनसमूह की उपस्थिति के कारण, बल्कि अपने वैचारिक संदेश, सांस्कृतिक गरिमा, आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के कारण भी स्मरणीय बन गया।
हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और राष्ट्रभक्त नागरिकों की सहभागिता ने पूरे वातावरण को राष्ट्र और धर्म चेतना से ओतप्रोत कर दिया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री गौरव गॉड ने अपने ओजस्वी और विचारोत्तेजक संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का तथ्यात्मक एवं भावपूर्ण उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में केशव बलिराम हेडगवार द्वारा लिया गया हिंदू समाज को संगठित करने का संकल्प आज भी राष्ट्रहित में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक जीवंत राष्ट्रवादी विचारधारा है, जो हिंदुत्व, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभाव की रक्षा के लिए सतत कार्य कर रही है। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में विराट हिंदू सम्मेलन जैसे आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता और चेतना का संचार किया जा रहा है।
अपने वक्तव्य में गौरव गॉड ने संघ द्वारा प्रवर्तित पांच प्रमुख परिवर्तन — सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे महंत राधेश्याम पुरी ने अपने आशीर्वचन में हिंदू समाज को संगठित रहने, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डसना मंदिर के महंत नरसिंह आनंद सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों के सान्निध्य से सम्मेलन को आध्यात्मिक ऊँचाई प्राप्त हुई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अमनदीप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम की सुंदर झलक दी, वहीं आर्य वीर दल, गाजियाबाद के बच्चों द्वारा किया गया दंड अभ्यास शौर्य और अनुशासन का प्रभावशाली प्रदर्शन रहा।
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित भव्य यज्ञ, आकर्षक रंगोली सज्जा और सेल्फी प्वाइंट लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
समग्र रूप से यह विराट हिंदू सम्मेलन ज्ञान, जनजागरण, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रभावी संगम सिद्ध हुआ। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि जब समाज संगठित, जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ होता है, तभी राष्ट्र सशक्त और सुरक्षित बनता है।
