एमएसएमई के सशक्तिकरण हेतु RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन

गौतमबुद्धनगर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के सशक्तिकरण एवं समग्र विकास के उद्देश्य से RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन विगत दिवस होटल रेडिसन ब्लू, गौतम बुद्ध नगर में किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, निर्यात अवसरों, वित्तीय सहायता, डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा गुणवत्ता एवं प्रमाणन प्रणालियों के संबंध में व्यापक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि, लघु उद्योग भारती, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA), हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्यातक कल्याण संघ, इंडियन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में एमएसएमई उद्यमियों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए राज कमल यादव (IAS), अपर आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक, यूपीएसआईसी लिमिटेड ने RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने राज्यस्तरीय डिजिटल प्लेटफॉर्म UP MSME One Connect (www.msme1connect.up.gov.in) के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल एमएसएमई के लिए एक समग्र वन-स्टॉप डिजिटल समाधान के रूप में कार्य करेगा।

उन्होंने बताया कि पोर्टल पर इंसेंटिव कैलकुलेटर, विशेषज्ञ परामर्श सुविधा तथा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, उद्यमी अब अपने-अपने क्षेत्रों में औद्योगिक एवं एमएसएमई स्थापना हेतु भूमि की रियल-टाइम उपलब्धता देख सकते हैं, जिससे निवेश संबंधी निर्णय अधिक सरल एवं त्वरित होंगे। उन्होंने फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि ये एमएसएमई को प्लग-एंड-प्ले सुविधाएँ प्रदान कर लागत दक्षता, संचालन विस्तार एवं उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हैं। कार्यशाला के दौरान एमएसएमई के लिए आईपीओ के माध्यम से विकास के अवसरों पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कृष्णन अय्यर, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, एनएसई, पार्वती मूर्ति, एसएमई हेड, एनएसई तथा निधि महेश्वरी, सीनियर मैनेजर, एनएसई ने एमएसएमई को पूंजी बाजार से जोड़ने, धन जुटाने की प्रक्रिया एवं आईपीओ लिस्टिंग के दीर्घकालिक लाभों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आलोक कुमार (IAS), अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार का प्रेरक एवं दूरदर्शी संबोधन रहा। उन्होंने एमएसएमई को राज्य एवं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख विकास इंजन बताते हुए उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता एवं लचीलापन बढ़ाने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं नीतिगत पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से एमएसएमई एवं हस्तशिल्प क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय कारीगरों की रचनात्मकता एवं शिल्प कौशल वैश्विक स्तर पर अद्वितीय है, और यदि उत्पादन में पैमाना, मानकीकरण एवं मजबूत वैल्यू-चेन एकीकरण सुनिश्चित किया जाए, तो उत्तर प्रदेश के एमएसएमई वैश्विक विनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एमएसएमई श्रमिकों के अन्य राज्यों की ओर पलायन में आई उल्लेखनीय कमी, राज्य में अनुकूल औद्योगिक वातावरण, मजबूत अवसंरचना एवं उद्योग-अनुकूल नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।

कार्यक्रम के अंतर्गत ZED (Zero Defect Zero Effect) योजना एवं निर्यात प्रतिस्पर्धा हेतु आवश्यक गुणवत्ता प्रमाणनों पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन सोनल सग्गी, प्रबंध निदेशक, आरएसजे कंसल्टेंसीज द्वारा किया गया। इस सत्र में गुणवत्ता सुधार, लागत दक्षता एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।

हेमंत कुमार, उप महानिदेशक, महानिदेशालय सामान्य विदेश व्यापार (DGFT), भारत सरकार ने एमएसएमई उद्यमियों को निर्यात प्रक्रियाओं, नीतिगत प्रावधानों एवं उपलब्ध अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

इसके अतिरिक्त, आर. के. भारती, निदेशक, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एमएसएमई विकास हेतु केंद्र सरकार द्वारा संचालित सहयोग एवं समर्थन कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में आदित्य कुशिक मोहन द्वारा एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ECGC) की योजनाओं पर प्रस्तुति दी गई, जिसमें निर्यातकों के लिए जोखिम सुरक्षा, भुगतान संरक्षण एवं वित्तीय सहयोग से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का समापन एमएसएमई उद्यमियों एवं प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से राज कमल यादव (IAS), प्रबंध निदेशक, यूपीएसआईसी लिमिटेड ने सभी प्रश्नों का व्यावहारिक, तार्किक एवं समाधान-उन्मुख उत्तर दिया।

समापन अवसर पर उद्यमियों को नवाचार अपनाने, गुणवत्ता मानकों में सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग तथा निर्यात एवं निवेश के नए अवसरों की खोज हेतु प्रेरित करते हुए सरकार द्वारा उपलब्ध सहयोग एवं संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया गया।

यह भी देखे:-

प्रज्ञान की छात्रा का यंग साइंटिस्ट्स चैलेंज में राष्ट्रीय स्तर पर चयन
उत्तराखण्ड सांस्कृतिक समिति ने किया शरबत वितरण
आरडब्लूए अल्फा 1 ने की घर-घर तिरंगा अभियान की शुरुआत 
ग्रेटर नोएडा में छह बिजलीघरों के बनने का रास्ता साफ
ऑटो एक्सपो- द मोटर शो 2023 एक्सक्लूसिव मीडिया प्रिव्यू के साथ शुरू हुआ, देश व विदेश की कंपनियों ने क...
रोटरी क्लब ग्रेनो और आईआईएमटी का सफल रक्तदान शिविर: छात्रों का दिखा उत्साह और सामूहिकता
9/11 हमला: अफगानिस्तान में अल-कायदा को खत्म करने के दावे से लेकर तालिबान को सत्ता सौंपने तक, जानें 2...
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देशों के क्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी की बड़ी कार्र...
राजस्थान: क्यों विवाह पंजीकरण कानून संशोधन पर मचा है विवाद
प्राधिकरण के विरोध में 4जून को बाइक रैली निकालेंगे किसान:नरेश चपरगढ़
तीन कृषि बिल के विरोध मे भारतीय किसान यूनियन का प्रदर्शन
विश्व हिंदू परिषद, मेरठ प्रांत बैठक देवबंद में संपन्न हुई
समसारा विद्यालय में श्रमिक दिवस का आयोजन
ISKCON Dadri में श्रीमद्भागवतम कथा का दूसरा दिन: अनंतसेश प्रभु ने सिखाई 'मृत्यु की कला'*
इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 अगस्त से "इंडियन डीजे एक्सपो-2023 का आयोजन
ग्रेटर नोएडा : जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में 16वाँ स्थापना दिवस समारोह का भव्य क...