CMI GIMS में पहली बार अस्पताल-आधारित मेडटेक इनक्यूबेशन, डॉक्टर और निवेशक आए एक मंच पर
ग्रेटर नोएडा | 30 जनवरी 2026
ग्रेटर नोएडा स्थित सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) में पहली बार अस्पताल-आधारित मेडटेक इनक्यूबेशन पहल की शुरुआत की जा रही है। इस कड़ी में शुक्रवार को मेडटेक इन्वेस्टर गेट-टुगेदर एवं स्टार्टअप OPD का आयोजन किया जाएगा, जिसे स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम का आयोजन ईज़ी नॉलेज क्लब (Easy Knowledge Club) के सहयोग से किया जा रहा है, जो इवेंट पार्टनर के रूप में निवेशकों को सीधे अस्पताल-आधारित मेडिकल इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म से जोड़ रहा है। यह पहली बार है जब किसी सरकारी अस्पताल से जुड़े इनक्यूबेशन सेंटर में इस तरह का आयोजन हो रहा है।
देशभर से चुने गए 30 मेडटेक स्टार्टअप्स
GIMS स्टार्टअप OPD के लिए देशभर से मेडटेक स्टार्टअप्स ने आवेदन किए थे। चयन प्रक्रिया के बाद 30 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को चुना गया है, जिन्हें डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों के सामने अपने इनोवेटिव समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
डॉक्टरों से सीधा संवाद, क्लिनिकल वैलिडेशन पर जोर
कार्यक्रम के पहले सत्र में AIIMS, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, मैक्स हॉस्पिटल और यथार्थ हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक स्टार्टअप्स से संवाद करेंगे। इस दौरान स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल समस्याओं, अस्पतालों की कार्यप्रणाली, मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार परिणामों से जुड़ी अहम जानकारी दी जाएगी।
इस सत्र में IIT गुवाहाटी के प्रोफेसर और बायोमेडिकल डिवाइसेज़ के प्रमुख डॉ. कनकराज भी शामिल होंगे, जो मेडिकल डिवाइस डिज़ाइन और उसके व्यावहारिक उपयोग पर मार्गदर्शन देंगे।
निवेशकों से फंडिंग और सहयोग पर चर्चा
डॉक्टरों द्वारा क्लिनिकल वैलिडेशन के बाद ईज़ी नॉलेज क्लब के माध्यम से आए निवेशक चयनित स्टार्टअप्स के साथ फंडिंग, साझेदारी और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे, ताकि मरीज-केंद्रित और व्यवहारिक तकनीकों को आगे बढ़ाया जा सके।
नेतृत्व का संदेश
GIMS के निदेशक ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने कहा कि यह पहल मेक-इन-इंडिया मेडिकल डिवाइसेज़ को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। अस्पताल-आधारित इनक्यूबेशन मॉडल से नवाचार को वास्तविक क्लिनिकल माहौल में विकसित करने में मदद मिलेगी।
CMI GIMS के मेडिकल इनक्यूबेशन सीईओ डॉ. राहुल ने बताया कि यह इंडिया डिज़ाइन मॉडल है, जिसमें डॉक्टरों के साथ मिलकर क्लिनिक के भीतर समाधान तैयार किए जाते हैं। सही निवेशकों से जुड़कर किफायती, नैतिक और क्लिनिकली प्रमाणित तकनीकों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मेडटेक नवाचार की नई दिशा
यह पहल भारत में अस्पताल-आधारित मेडिकल इनक्यूबेशन के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर रही है, जहां डॉक्टर, स्टार्टअप और निवेशक मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
