इंजीनियर मौत, बजट और यूजीसी नियम— ग्रेटर नोएडा में अखिलेश यादव ने सरकार और सिस्टम को घेरा
ग्रेटर नोएडा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोएडा में एक इंजीनियर की मौत के मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि जब पीड़ित को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब सरकार उस तक क्यों नहीं पहुंच सकी।
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मृतक इंजीनियर का परिवार गुजरात से है। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री के गृह राज्य से जुड़े इस परिवार को समय पर सहायता नहीं मिल पाई। उन्होंने इसे सिस्टम की असंवेदनशीलता करार देते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सपा प्रमुख ने केंद्रीय बजट पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में देश को सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क मिलने की बात करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री के ही निर्वाचन क्षेत्र में मेट्रो निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। यह विरोधाभास सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने यूजीसी से जुड़े इक्विटी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूजीसी के मामले में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यही स्पष्ट होता है कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी वर्ष 2012 में ऐसे रेगुलेशन आए थे।
अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान किसी भी तरह के भेदभाव की अनुमति नहीं देता, लेकिन तमाम कानूनों के बावजूद समय-समय पर भेदभाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में ईमानदारी से आत्ममंथन करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
