गौतमबुद्ध विश्विद्यालय अभिव्यंजना 2025-26 के दूसरे दिन कला, संस्कृति और युवा ऊर्जा का भव्य संगम
ग्रेटर नोएडा।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव ‘अभिव्यंजना 2025-26’ के दूसरे दिन विश्वविद्यालय परिसर पूरी तरह उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मक अभिव्यक्ति के रंगों में रंगा नजर आया। सुबह से ही कैंपस में उत्सव का माहौल बना रहा, जहां छात्र-छात्राओं ने कला, संस्कृति, विचार-विमर्श और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत विभिन्न इन-हाउस प्रतियोगिताओं से हुई। विश्वविद्यालय के अलग-अलग स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में शास्त्रीय नृत्य, माइम (नाटक), समूह एवं युगल नृत्य, नाट्य प्रतियोगिता, फैशन शो और म्यूजिक बैंड परफॉर्मेंस जैसी रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और मंचीय कौशल से समां बांध दिया।
इसके साथ ही ‘अल्फ़ाज़-ए-जीबीयू’ और “सिनेमाया रील प्रतियोगिता” के माध्यम से छात्रों ने अपनी सृजनात्मक सोच और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रतियोगिताओं में युवाओं की कल्पनाशीलता और सामाजिक सरोकारों की झलक साफ दिखाई दी।
सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर हुआ सार्थक संवाद
महोत्सव के दौरान समूह चर्चा और ‘नव्या नेचर’ कार्यक्रम के तहत सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर सार्थक संवाद आयोजित किया गया। इन सत्रों के माध्यम से छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास जैसे विषयों के प्रति जागरूक किया गया।
स्वरांजलि क्लब की प्रस्तुति ने जीता दिल
कार्यक्रम का औपचारिक समापन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्वरांजलि क्लब की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सांस्कृतिक परिषद के सदस्यों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्रतिभागियों, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
डीजे नाइट में झूमे छात्र
दिन के अंत में आयोजित डीजे नाइट ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। संगीत और रंगीन रोशनी के बीच विद्यार्थियों ने जमकर मस्ती की और महोत्सव के पलों को यादगार बनाया।
कुल मिलाकर, “अभिव्यंजना 2025-26” का दूसरा दिन मनोरंजन के साथ-साथ प्रतिभा, संस्कृति और युवा ऊर्जा का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया, जिसने विश्वविद्यालय परिसर को उत्साह और रचनात्मकता से भर दिया।
