आर्टिफैक्ट्स-2026 को मिला शानदार आग़ाज़, पहले ही दिन दिखा ज़बरदस्त उत्साह
- राजस्थान सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने किया मेले का दौरा, हस्तशिल्प गुणवत्ता की सराहना
जोधपुर, 15 जनवरी।
हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 के दूसरे संस्करण की गुरुवार को जोधपुर के बोरानाडा स्थित ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर (टीएफसी) में भव्य शुरुआत हुई। यह पांच दिवसीय एक्सपो 15 से 19 जनवरी 2026 तक चलेगा। पहले ही दिन प्रदर्शकों और खरीदारों से मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स ने यह स्पष्ट कर दिया कि आर्टिफैक्ट्स-2026 एक बिज़नेस-रेडी मार्केट प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूती से उभर रहा है, जहां भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा आधुनिक बाज़ार से जुड़ रही है।
मेले का भ्रमण करने पहुंचे श्री जोगाराम पटेल, मंत्री—संसदीय कार्य, कानून एवं कानूनी मामले, कानूनी सलाह एवं न्याय, राजस्थान सरकार का स्वागत ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल, प्रशासनिक समिति के सदस्य निर्मल भंडारी, रवि के. पासी, प्रदीप मुच्छाला, सिमरनदीप सिंह कोहली, कार्यकारी निदेशक राजेश रावत, जोधपुर के प्रमुख निर्यातकों, खरीदारों और मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा किया गया।
हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता ने किया प्रभावित
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री जोगाराम पटेल ने देशभर से आए हस्तनिर्मित उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता, विविधता और फिनिशिंग की सराहना की। उन्होंने राजस्थान के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में जोधपुर के निर्यातकों की भूमिका को अहम बताया।
उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान जैसी पहलें निर्यात प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। राजस्थान निर्यात नीति के तहत 37 औद्योगिक पार्कों के विकास और ओडीओपी में “वन डिस्ट्रिक्ट पंच गौरव” को शामिल करने जैसे कदम ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मजबूत करने के साथ-साथ एमएसएमई को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं। मंत्री ने टीएफसी के भविष्य में विस्तार हेतु ईपीसीएच द्वारा समीपवर्ती भूमि खरीद के प्रस्ताव पर भी समर्थन जताया।
बिज़नेस-रेडी प्लेटफॉर्म बन रहा आर्टिफैक्ट्स
ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि पहले ही दिन बड़ी संख्या में विज़िटर्स पहुंचे हैं और उच्च गुणवत्ता की बायर इन्क्वायरी मिली है। इससे यह सिद्ध होता है कि आर्टिफैक्ट्स-2026 घरेलू बाज़ार के लिए एक मजबूत सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि जोधपुर लकड़ी उत्पाद, फर्नीचर और हस्तनिर्मित वस्तुओं के निर्यात का प्रमुख केंद्र बन चुका है। जल्द ही यहां ईपीसीएच-एक्सपो बाज़ार कैश एंड कैरी स्टोर शुरू किया जाएगा, जिसे ‘वन-स्टॉप सोर्सिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही टीएफसी, जोधपुर में एक टेस्टिंग लैब भी शीघ्र शुरू होगी, जिससे गुणवत्ता प्रमाणन की सुविधा मिलेगी।
एमएसएमई और ई-कॉमर्स पर फोकस
ईपीसीएच उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा कि यह एक्सपो केवल प्रदर्शन मंच नहीं, बल्कि घरेलू खरीदारों, रिटेल और ई-कॉमर्स के लिए तेज़ और भरोसेमंद फुलफिलमेंट सिस्टम को समर्थन देने वाला प्लेटफॉर्म है। प्रदर्शकों को ब्रांड-रेडी पैकेजिंग, रेडी-स्टॉक लाइनों और ऑर्डर कंसोलिडेशन पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल ने कहा कि आईएचजीएफ दिल्ली फेयर जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों और आर्टिफैक्ट्स-2026 जैसे घरेलू प्लेटफॉर्म के बीच रणनीतिक समन्वय से एमएसएमई को नई गति मिली है। उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए नीति-स्तरीय समर्थन की भी मांग की।
संस्कृति और व्यापार का संगम
ईपीसीएच प्रशासनिक समिति के सदस्य निर्मल भंडारी ने बताया कि एक्सपो के दौरान प्रतिदिन राजस्थानी लोक नृत्य, लाइव म्यूजिक, हस्तनिर्मित परिधानों व ज्वेलरी का फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यंजनों से सुसज्जित फूड कोर्ट भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
निर्यात के आंकड़े
ईपीसीएच कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि वर्ष 2024-25 में देश से कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्थान से हस्तशिल्प निर्यात 6,414.19 करोड़ रुपये का रहा। इसमें अकेले जोधपुर की हिस्सेदारी 50.19 प्रतिशत रही।
आर्टिफैक्ट्स-2026 न केवल व्यापार के नए अवसर खोल रहा है, बल्कि भारत की हस्तशिल्प विरासत को वैश्विक मंच पर और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है।
