योगी सरकार की हरित पहल: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का सबसे “ग्रीन” एयरपोर्ट
- नेट-ज़ीरो कॉन्सेप्ट पर विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ऊर्जा–पानी–कचरा प्रबंधन में रचेगा नया कीर्तिमान
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 12 जनवरी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) न केवल देश का प्रमुख एविएशन हब बनने जा रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित करेगा। ज़्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप के सहयोग से विकसित यह एयरपोर्ट नेट-ज़ीरो कॉन्सेप्ट पर आधारित है और भारत का पहला IGBC ग्रीन कैंपस प्रमाणित एयरपोर्ट बनने का गौरव हासिल कर चुका है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया के अनुसार, एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि ऊर्जा, पानी और कचरे की खपत न्यूनतम रहे। पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए पार्किंग क्षेत्र के 20 प्रतिशत हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्टैंडर्ड और फास्ट चार्जिंग सुविधा विकसित की जा रही है। एयरसाइड संचालन में उपयोग होने वाले सभी वाहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगे, जिनके लिए विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित किए जाएंगे।
82.94 एकड़ में सोलर फार्म, नवीकरणीय ऊर्जा से संचालन
योगी सरकार के ग्रीन एनर्जी विजन के तहत एयरपोर्ट परिसर में 82.94 एकड़ क्षेत्रफल में सोलर फार्म विकसित किया जा रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता 51,966 मेगावाट-घंटा होगी। इससे एयरपोर्ट की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जाएगा।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो स्थानों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग पोंड बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही आरएनजी (रिन्यूएबल नेचुरल गैस) प्लांट की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे एयरपोर्ट वाहन, डीजी सेट और अन्य प्रणालियां हरित ईंधन पर संचालित की जा सकेंगी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक समग्र प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसमें कचरे का पृथक्करण, रीसाइक्लिंग और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित होगा।
पर्यावरण निगरानी के लिए विशेष प्लान
पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विस्तृत एनवायरनमेंट मॉनिटरिंग प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत हर माह वायु, जल, मिट्टी, कचरा और सीवेज के मानकों की नियमित निगरानी की जाएगी।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन में आने से न केवल निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
