अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रशिक्षण सेमिनार एवं प्रदर्शन का सफल समापन, 120 कराटेकाओं ने लिया उन्नत प्रशिक्षण
ग्रेटर नोएडा। रेनबुकाई इंडिया के तत्वावधान में 26 से 28 दिसंबर तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रशिक्षण सेमिनार एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का सफल समापन हो गया। तीन दिवसीय इस सेमिनार में देश-विदेश के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया, जिसे प्रतिभागियों और कराटे जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने सराहा।
रेनबुकाई इंडिया के निदेशक एवं मुख्य प्रशिक्षक सेन्सेई सुबोध धीमान ने बताया कि यह सेमिनार पारंपरिक कराटे के प्रचार-प्रसार और तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सेमिनार का संचालन जापान से पधारे शिहान किकुमुरा तोशिहिको के नेतृत्व में उनके दल सेन्सेई हयाकावा काज़ुकी, सेन्सेई ओसादा शिंजी एवं क्योको गोराई द्वारा किया गया। प्रशिक्षण शिविर में कुल 120 कराटेकाओं ने भाग लिया, जिन्हें बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक की तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
सेमिनार के अंतिम दिन आयोजित प्रदर्शन कार्यक्रम में केआईओ राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष रेन्शी अनिल सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन केआईओ राष्ट्रीय महासंघ के रेफरी आयोग के सहायक सचिव शिहान जगमोहन विज ने किया, जो विशेष रूप से पंजाब से इस आयोजन में शामिल हुए। उनके तकनीकी मार्गदर्शन और योगदान की सराहना करते हुए आयोजकों ने आभार व्यक्त किया।
सेन्सेई सुबोध धीमान ने आयोजन के लिए बेहतर आधारभूत संरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग देने के लिए नवीन जैन का विशेष धन्यवाद किया। साथ ही वरिष्ठ कराटे प्रशिक्षकों शिहान संजय शर्मा, क्योशी कमल थापा पुन मगर एवं क्योशी बलकिशन गुरंग के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में अपनी पत्नी अंजू धीमान के निरंतर सहयोग और प्रेरणा की सराहना की। इसके अलावा रेनबुकाई इंडिया की आयोजन टीम—सेन्सेई अजय शर्मा (सचिव), सेन्सेई सुमित चिलवाल (उपाध्यक्ष एवं सहायक प्रशिक्षक) और सुष्मना पराशर (सहायक प्रशिक्षक, कोषाध्यक्ष एवं जनसंपर्क अधिकारी)—के योगदान को भी उल्लेखनीय बताया।
आयोजन के समापन पर सेन्सेई सुबोध धीमान ने सभी प्रशिक्षकों, अतिथियों, अधिकारियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेमिनार भारतीय कराटे के तकनीकी स्तर को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक स्मरणीय उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा।
