जीएल बजाज में नवाचार का महाकुंभ: SIH 2025 हार्डवेयर एडिशन का भव्य समापन, देशभर के युवा दिमागों ने रचे सामाजिक बदलाव के समाधान
ग्रेटर नोएडा | 12 दिसंबर 2025: ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर नवाचार का सशक्त केंद्र बनकर उभरा, जब यहां स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2025 – हार्डवेयर एडिशन के ग्रैंड फिनाले का भव्य आयोजन हुआ। शिक्षा मंत्रालय और AICTE द्वारा चयनित देश के मात्र 18 प्रतिष्ठित हार्डवेयर नोडल सेंटर्स में शामिल जीएल बजाज ने SIH के आठवें संस्करण में पाँच दिनों तक चले इस महाआयोजन की सफल मेजबानी कर गौरव हासिल किया।
हैकाथॉन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में AICTE चेयरमैन प्रो. (डॉ.) टी. जी. सीथराम की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि “युवाओं की समस्या-समाधान क्षमता ही भारत को वैश्विक नवाचार महाशक्ति बनाएगी।” कार्यक्रम को रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के iDEX-DIO प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. दयानंद की उपस्थिति ने विशेष गरिमा प्रदान की।
समारोह के दौरान अतिथियों का स्वागत, दीप प्रज्वलन, SIH वीडियो प्रस्तुति, नोडल सेंटर की विस्तृत रिपोर्ट, प्रतिभागियों और मेंटर्स के अनुभव साझा सत्र, राष्ट्रीय स्तर के प्रेरक संबोधन और बहुप्रतीक्षित पुरस्कार वितरण आकर्षण का केंद्र रहे।
9 राज्यों की 26 टीमों ने दिखाया हुनर
जीएल बजाज में आयोजित इस हैकाथॉन में भारत के 9 राज्यों से आई 26 टीमों ने भाग लिया। कुल 178 प्रतिभागियों—जिनमें 97 पुरुष छात्र, 59 महिला छात्र और 22 मेंटर्स शामिल रहे—ने 72 घंटे से अधिक समय तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिए गए पाँच समस्या विवरणों पर लगातार कार्य किया। इन समस्याओं का सीधा संबंध दृष्टिबाधित, दिव्यांग, अंग-विक्षत और बह्र-बधिर समुदायों की वास्तविक चुनौतियों से था।
सामाजिक सरोकार से जुड़ी तकनीक बनी पहचान
छात्रों द्वारा प्रस्तुत हार्डवेयर समाधानों में स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक, IoT आधारित फोल्डेबल एक्सिलरी क्रच, रीयल-टाइम ऑर्थोटिक प्रेशर मेजरमेंट डिवाइस, किफायती ऊपरी अंग प्रोस्थेटिक हैंड और साइन लैंग्वेज कैप्चर एंड इलस्ट्रेशन सिस्टम जैसे नवाचार शामिल रहे, जिन्होंने निर्णायकों को गहराई से प्रभावित किया।
₹1.5 लाख का पुरस्कार, नवाचार को मिला सम्मान
SIH 2025 में प्रत्येक विजेता टीम को ₹1.5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि नकद पुरस्कारों को जीएल बजाज द्वारा प्रायोजित किया गया।
विजेता टीमों में पुडुचेरी, कर्नाटक, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्र शामिल रहे। तमिलनाडु के सोना कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी की टीम इनोवर्सेस को विशेष प्रशंसा से नवाजा गया।
नेतृत्व का संदेश
जीएल बजाज के चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने कहा कि “जब युवाओं को समाज की समस्याओं का समाधान खोजने का मंच मिलता है, तभी नवाचार वास्तविक रूप लेता है।” वहीं संस्थान के सीईओ कार्तिकेय अग्रवाल ने छात्रों, मेंटर्स, फैकल्टी और आयोजन टीम के समर्पण की सराहना करते हुए SIH को शिक्षा और वास्तविक सामाजिक प्रभाव के बीच मजबूत सेतु बताया।
कार्यक्रम में डायरेक्टर डॉ. प्रीति बजाज, नोडल सेंटर हेड्स, संस्थान के सभी शैक्षणिक प्रमुख, फैकल्टी सदस्य, मेंटर्स, मूल्यांकनकर्ता और देशभर से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में SIH 2025 का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि संस्थान नवाचार, समावेशी तकनीक और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में लगातार मजबूत कदम बढ़ा रहा है—जो विकसित भारत के सपने को साकार करने की ओर एक महत्वपूर्ण पहल है।
