गलगोटिया विश्वविद्यालय में एसआईएच 2025 का ग्रैंड फिनाले सम्पन्न, युवा नवाचारों से साकार हो रहा प्रधानमंत्री का “श्रेष्ठ भारत” विज़न
ग्रेटर नोएडा, 12 दिसंबर। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 का पाँच दिवसीय राष्ट्रीय मुकाबला गुरुवार को गलगोटिया विश्वविद्यालय में उल्लासपूर्ण समापन के साथ समाप्त हुआ। देशभर से आए युवा प्रतिभागियों ने आधुनिक तकनीक, स्वदेशी नवाचार और समाज-उन्मुख समाधानों के जरिए आत्मनिर्भर भारत और “श्रेष्ठ भारत” के विज़न को ठोस रूप देते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। पाँच दिनों तक विश्वविद्यालय परिसर नवाचार, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का मुख्य केंद्र रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति, निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, ने युवा नवप्रवर्तकों की सराहना करते हुए कहा कि—
“भारत का भविष्य उन युवाओं के हाथों में है जो वास्तविक समस्याओं से निपटने और समाधान प्रस्तुत करने का साहस रखते हैं। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे मंच राष्ट्र को तकनीकी स्वावलंबन की दिशा में नई गति प्रदान करते हैं।”
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता को समाजहित में आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी।
प्रोजेक्ट मूल्यांकन
विभिन्न श्रेणियों में प्रस्तुत परियोजनाओं का मूल्यांकन
मोहित गुप्ता (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय)
डॉ. शालिनी राय (आयुष मंत्रालय)
और उनकी टीम द्वारा मौलिकता, तकनीकी व्यवहार्यता और सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया गया।
गलगोटिया विश्वविद्यालय का योगदान
गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा—
“एसआईएच 2025 ने सिद्ध कर दिया है कि भारत का युवा तकनीक-चालित भविष्य गढ़ने में अग्रणी है। नोडल सेंटर के रूप में हमारी भूमिका सम्मान की बात है, और विश्वविद्यालय आगे भी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
विजेता टीमें
स्वदेशी फॉर आत्मनिर्भर भारत – रोबोटिक्स एवं ड्रोन
टीम Orobonics, गलगोटिया विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा
सत्यभामा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई
(संयुक्त विजेता)
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय श्रेणी
वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई
पीईएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मांड्या, कर्नाटक
आयुष मंत्रालय श्रेणी
महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जनकपुरी, नई दिल्ली
श्री कृष्णा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर, तमिलनाडु
कंट्रोल्ड रिस्ट-हैंड ऑर्थोसिस (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय)
विद्यावर्धक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मैसूरु, कर्नाटक
चेन्नई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मलयंबक्कम, तमिलनाडु (संयुक्त विजेता)
आगे की योजनाएं
समापन अवसर पर घोषणा की गई कि चयनित श्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स को आगामी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया जाएगा।
छात्रों, मेंटर्स, उद्योग विशेषज्ञों व अभिभावकों की व्यापक उपस्थिति ने समारोह को और भव्य बना दिया।
पाँच दिवसीय आयोजन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि भारत का युवा केवल प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा, बल्कि तकनीक-चालित श्रेष्ठ भारत के निर्माण का नेतृत्व कर रहा है।
