श्रीराम ने खाये शबरी कब जूठे बेर, हनुमानजी ने करवाई रामजी की सुग्रीव से मित्रता
श्रीरामलीला सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान चल रहे रामलीला महोत्सव 2025 में रामभक्त हनुमान का पूजन चोला चढ़ाकर, आरती और हनुमान चालीसा पाठ से किया गया।
रामलीला मंचन में जब श्रीराम-लक्ष्मण सीता को वन में ढूंढ रहे होते हैं तब उनको वर्षों से अपने प्रभु श्रीराम का इंतजार कर रही शबरी से होता है। प्रभु प्रेम में शबरी श्रीराम को अपने जूठे बेर खिला देती हैं और प्रभु भी बड़े स्वाद से बेर खा लेते हैं।
मंचन में आगे हनुमानजी और राम-लक्ष्मण का मिलाप हुआ, हनुमानजी ने श्रीराम की मित्रता सुग्रीव से करवाई, ततपश्चात बाली वध, हनुमानजी द्वारा सीता की खोज, अशोक वाटिका उजाड़ना, और लंका दहन आदि का मंचन हुआ। जिनको देखकर दर्शक रोमांचित हुए। रामलीला प्रांगण में उपस्थित दर्शकों का उत्साह हनुमानजी की उपस्थिति से कई गुना बढ़ गया।
श्रीरामलीला सेवा ट्रस्ट के संयोजक वीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि मंच पर हनुमानजी के आने के बाद रामलीला मंचन में एक अलग उत्साह जाग्रत हो जाता है रामलीला प्रांगण में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति राम भक्ति में खो जाता है।
ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम व्यवस्था में सुनील रयाल,दसई पासवान, अमित बाजपेयी, योगेंद्र शर्मा, रवि शंकर सारस्वत, पंकज सैनी, मनोज आर्य, रोहित गुप्ता, कैलाश शर्मा, हीरेन्द्र चौहान, राजकुमार, सचिन शर्मा, नितिन कपूर, अमोल सिंह मोहित गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
