राम के राजतिलक की घोषणा से देवताओं में चिंता, कैकयी ने मांगे दो वर, राम को वनवास
28 सितंबर, ग्रेटर नोएडा — रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा द्वारा साइट-4 में आयोजित रामलीला मंचन की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।आज के कार्यक्रम के अतिथी IAS शैलेन्द्र भाटिया जी नोडल ऑफ़िसर NIAL जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र ढाढा अजीत दोला योगेन्द्र भाटी प्रयोजक अंकुर मित्तल विजेंद्र भाटी सौरव भाटी बोबी भाटी आदि गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्लित कर श्री राम के चित्र पर माल्यार्पण किया और कार्यक्रम की शुरुआत की सभी ने कमेटी को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।
मंचन में दशरथ द्वारा राम के राजतिलक की घोषणा होते ही देवलोक में देवताओं में चिंता फैल जाती है। विचार-विमर्श के बाद देवी सरस्वती को मंथरा की बुद्धि भ्रमित करने हेतु उनके कंठ में विराजमान होने की सहमति दी जाती है। कैकयी दो वर मांगती हैं—राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजगद्दी।
दशरथ को श्रवण कुमार की मृत्यु पर मिले श्राप की याद आती है और वे पुत्र वियोग में प्राण त्याग देते हैं। राम वनगमन के दौरान गंगा तट पर केवट चरण धोकर उन्हें पार कराता है। राम भारद्वाज ऋषि से आशीर्वाद लेकर वन की ओर बढ़ते हैं।
भरत अयोध्या लौटते हैं और राम के वनवास की खबर सुनकर कैकयी से नाराज होते हैं। वे राम को मनाने वन की ओर प्रस्थान करते हैं।
29 सितंबर को नारद-सूपर्णखा संवाद, सीता हरण, राम-वियोग और जटायु मरण का मंचन होगा।
रामलीला कमेटी पिछले 20 वर्षों से विजयमहोत्सव रामलीला का आयोजन कर रही है। इस वर्ष 50 फीट का धनुष और 55 फीट ऊंचे मंच पर दृश्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। मेले में खानपान, घरेलू सामान, बच्चों के लिए झूले, सर्कस और जादू जैसे मनोरंजन के साधन उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम में कमेटी के सभी पदाधिकारी और सदस्यगण उपस्थित रहे।
