यूपीआईटीएस 2025 के दूसरे दिन रिकॉर्ड फुटफॉल, MSME सत्र और भारत-रूस व्यापार संवाद ने बटोरी सुर्खियाँ
ग्रेटर नोएडा, 26 सितम्बर 2025 — उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो (UPITS) 2025 के दूसरे दिन इंडिया एक्सपो मार्ट में व्यापार, नवाचार और सांस्कृतिक जीवंतता का अद्वितीय संगम देखने को मिला। केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी और राज्य के MSME मंत्री राकेश सचान की उपस्थिति में आयोजित सत्रों ने MSME क्षेत्र को विकसित भारत के इंजन के रूप में प्रस्तुत किया।
दूसरे दिन 91,259 आगंतुकों की ऐतिहासिक भागीदारी दर्ज की गई, जिसमें 23,758 B2B और 67,501 B2C आगंतुक शामिल रहे। पहले दो दिनों में कुल 1,40,259 लोगों ने शो का दौरा किया, जिससे यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा सोर्सिंग शो बन गया।
भारत-रूस व्यापार संवाद इस दिन का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और तीन घंटे में 240 से अधिक B2B बैठकें सम्पन्न हुईं। संवाद में विनिर्माण, ऊर्जा, आईटी, चिकित्सा उपकरण, कृषि, पर्यटन और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारियों की संभावनाएं तलाशी गईं। लगभग 120 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जिनका अनुमानित मूल्य 5.6 मिलियन डॉलर बताया गया।
एमएसएमई सत्र “MSME@2047” में मंत्रीगणों ने MSME को भारत की 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाने वाला क्षेत्र बताया। राकेश सचान ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर नीतिगत सहयोग और संशोधन के लिए प्रतिबद्ध है।
दूसरे दिन विभिन्न विभागों द्वारा विषयगत सत्र आयोजित किए गए—शहरी विकास, स्वास्थ्य, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और बीमा पर केंद्रित चर्चाएं हुईं। युवाओं के लिए आयोजित सीएम युवा पवेलियन में प्रयागराज, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, रामपुर और एनसीआर से आए 2,000 से अधिक छात्रों ने स्टार्टअप्स और बिजनेस आइडियाज के साथ जुड़ाव किया। DUTIM, GRIP इंटरनेशनल और Scholars Sustainable Solutions जैसे स्टार्टअप्स ने विशेष ध्यान आकर्षित किया।
शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत कर दिया। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा नृत्य-नाटिका, अनु सिन्हा की श्रीकृष्ण लीला, मथुरा की रसिया गायन और चरकुला नृत्य तथा स्वराग बैंड की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
UPITS 2025 का दूसरा दिन व्यापारिक संवाद, युवा ऊर्जा और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार मंच पर मजबूती से स्थापित किया।
