ग्रेटर नोएडा में जल शोधन को नई दिशा: आईटी सिटी में 12 एमएलडी एसटीपी को मंजूरी, 42 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू
ग्रेटर नोएडा, 9 सितंबर 2025 —
शहर के जल प्रबंधन को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आईटी सिटी में 12 एमएलडी क्षमता वाले अत्याधुनिक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग ₹42 करोड़ की लागत आएगी और इसे 12 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि यह एसटीपी ट्रसरी ट्रीटमेंट तकनीक पर आधारित होगा, जो एनजीटी द्वारा निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों का पालन करेगा। इस तकनीक से शोधित पानी में फिकल, टीडीएस, बीओडी और सीओडी की मात्रा को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकेगा, जिससे जल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
जल शोधन की दिशा में प्रगति
ग्रेटर नोएडा में पहले से चार एसटीपी कार्यरत हैं—बादलपुर (2 एमएलडी), कासना (137 एमएलडी), ईकोटेक-2 (15 एमएलडी), और ईकोटेक-3 (20 एमएलडी)। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में 45 एमएलडी क्षमता वाला एक और एसटीपी निर्माणाधीन है।
सीवर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि आईटी सिटी में प्रस्तावित एसटीपी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
प्राधिकरण की रणनीतिक पहल
एसीईओ प्रेरणा सिंह ने कहा, “एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण जल शोधन की दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है। सभी एसटीपी को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि शोधित जल का उपयोग औद्योगिक उत्पादन में किया जा सके और भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिले।”
यह परियोजना न केवल पर्यावरणीय सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट और सतत विकास की ओर ले जाने वाली रणनीति का हिस्सा भी है।
