आत्मिक विकास की ओर एक कदम: आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा कार्यशाला का आयोजन
ग्रेटर नोएडा — आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज के एप्लाइड साइंस एवं ह्यूमैनिटीज विभाग में आज एक दिवसीय कार्यशाला “एथिकल मैनिफेस्टेशन फॉर वैल्यू अलाइंड गोल्स” विषय पर आयोजित की गई। इस आयोजन में ब्रह्माकुमारी संस्थान की वरिष्ठ बहनों — बी.के. रेनू दीदी, बी.के. संध्या दीदी, बी.के. नेहा दीदी और बी.के. हीना दीदी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यशाला का उद्देश्य और प्रारंभिक सत्र
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जीवन के गहन अर्थ, आत्म-सशक्तिकरण, सकारात्मक सोच और आत्मिक शांति की ओर प्रेरित करना था। कार्यशाला का शुभारंभ बी.के. रेनू दीदी के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने संतुलित जीवन जीने और आंतरिक शक्ति को पहचानने की बात कही।
राजयोग ध्यान और आत्म-जागरूकता
बी.के. हीना दीदी और बी.के. संध्या दीदी ने राजयोग ध्यान की विधियों को साझा किया, जिससे छात्रों को आत्म-जागरूकता, स्पष्टता और उच्च लक्ष्यों की दिशा में बढ़ने की प्रेरणा मिली। ओम शांति मंत्रोच्चारण और ध्यान सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अपने आध्यात्मिक स्वरूप का अनुभव किया।
आत्मिक सामंजस्य की ओर मार्गदर्शन
बी.के. नेहा दीदी ने राजयोग साधना की तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए आत्म-शांति और आंतरिक सामंजस्य स्थापित करने के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे ध्यान और आत्मिक अनुशासन जीवन में स्थिरता और उद्देश्य ला सकते हैं।
विद्यार्थियों की सहभागिता और अनुभव
कार्यशाला में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ध्यान की शांति का अनुभव किया। छात्रों ने इसे एक जीवन बदलने वाला अनुभव बताया, जिससे उन्हें न केवल मानसिक शांति मिली, बल्कि जीवन के प्रति एक नई दृष्टि भी प्राप्त हुई।
संस्थान की शुभकामनाएं
आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज परिवार ने सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस कार्यशाला को एक सफल और ज्ञानवर्धक पहल बताया।
यह आयोजन न केवल शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करता है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास भी सिद्ध हुआ।
