गलगोटिया विश्वविद्यालय में शुरू हुई चौथी सब-जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप, देशभर से जुटे 750 से अधिक प्रतिभागी
आप सभी में भारत के लिए ओलंपिक में गौरव बढ़ाने की क्षमता है: विजेंदर सिंह
ग्रेटर नोएडा, 7 अगस्त 2025। गलगोटिया विश्वविद्यालय में मंगलवार को चौथी सब-जूनियर बालक एवं बालिका राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। यह प्रतियोगिता 7 अगस्त से 13 अगस्त तक चलेगी, जिसमें देशभर से 750 से अधिक युवा मुक्केबाज़ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रतिष्ठित आयोजन में 200 से अधिक एथलीट भी भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में ओलंपियन, प्रोफेशनल बॉक्सर, पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित विजेंदर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवा मुक्केबाज़ों को प्रेरित करते हुए कहा, “आप सभी में भारत के लिए ओलंपिक में गौरव बढ़ाने की क्षमता है। यह भारतीय बॉक्सिंग के लिए गर्व का क्षण है। यहां बैठे प्रतिभागियों में से कोई न कोई भविष्य का ओलंपिक पदक विजेता होगा।”
विजेंदर सिंह ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए खिलाड़ियों को कोच के सम्मान और निरंतर अभ्यास के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि हार और असफलता के बाद ही असली जीत मिलती है। उन्होंने बताया कि जब उनके अंदर आत्मविश्वास आया, तो उन्होंने जर्मनी में अपना पहला सब-जूनियर मेडल जीता।
उन्होंने यह भी बताया कि गलगोटिया विश्वविद्यालय खिलाड़ियों को प्रायोजित करता है और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को छात्रवृत्ति भी प्रदान करता है, जिससे युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का भरपूर अवसर मिलता है।
गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “खेल न केवल अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाते हैं, बल्कि देश का गौरव भी बढ़ाते हैं। हमें गर्व है कि हम ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।”
समारोह में अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं कामनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेता मनोज कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “जो खिलाड़ी 1999 से 2021 तक भारतीय टीम में बना रह सकता है, आप भी वो कर सकते हैं।” उन्होंने एक प्रेरणादायक कविता के माध्यम से खिलाड़ियों में जोश भरा।
स्पाइसजेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सिंह ने विश्वविद्यालय की मेज़बानी के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी रैंकिंग में 44वें स्थान से 4वें स्थान तक का सफर तय किया है, जो देश के खेल क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति का प्रमाण है।
चैंपियनशिप के दौरान युवा मुक्केबाज़ों के बीच देशभक्ति और खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस आयोजन से निकली प्रतिभाएं भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगी।
