यमुना एक्सप्रेस वे अंडरपास पर 30 जुलाई की महापंचायत को लेकर बल्लूखेड़ा में किसान गोष्ठी, भाकियू-टिकैत ने तेज किया जनजागरण अभियान
- पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना बोले – किसानों को अब ठगे जाने नहीं देंगे, गांव-गांव की लड़ाई अब सड़क पर लड़ी जाएगी
ग्रेटर नोएडा, 17 जुलाई 2025।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा 30 जुलाई को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सामने यमुना एक्सप्रेसवे के अंडरपास पर आयोजित होने वाली महापंचायत को लेकर जनजागरण अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को गांव बल्लूखेड़ा में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता बने सिंह ने की जबकि संचालन भिखारी प्रधान ने किया।
गोष्ठी में पहुंचे भाकियू पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों प्राधिकरण (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी) ने अब तक केवल कागजों पर बैकलीज की कार्रवाई की है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान कोटे के 10% प्लॉट देने के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई गईं, लेकिन हकीकत में आज भी कई गांवों में किसानों को उनका हक नहीं मिला।
पवन खटाना ने आगे कहा कि युवाओं को रोजगार देने के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियां तो खोल दी गईं, लेकिन स्थानीय युवाओं को “लोकल” बताकर नौकरी से वंचित कर दिया गया। साथ ही लंबे समय से जमीन का सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाया गया, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इन तमाम मुद्दों को लेकर भाकियू 30 जुलाई को गलगोटिया अंडरपास पर विशाल महापंचायत करेगी, जहां हजारों किसान अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
इस मौके पर अनेक किसान नेताओं और ग्रामीणों की उपस्थिति रही, जिनमें रोबिन नागर, सुबे राम, मास्टर राजे प्रधान, राजीव मलिक, अनित कसाना, जगत प्रधान, बाबा अजीत अधाना, सुनील प्रधान, चाहत राम, मास्टर इदरीश चेची, अशोक नेताजी, बबीत गौतम, तनवीर सिंह, हरज्ञान सिंह, सुरेंद्र पाल, ताराचंद, राजकुमार, रघुवीर सिंह, मोहनलाल, सुधीर, साजिद, पंकज कुमार, सुमित कुमार, श्याम सिंह, तेज सिंह और वीर सिंह शामिल रहे।
– भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा यह साफ कर दिया गया है कि अगर किसानों को उनका अधिकार नहीं मिला तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है।
