विश्व युवा कौशल दिवस पर लखनऊ में उमड़ा हुनर और आत्मनिर्भरता का उत्सव
लखनऊ, 15 जुलाई: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कौशल मेला 2025 ने उत्तर प्रदेश की प्रगति और नवाचार की कहानी को बखूबी प्रस्तुत किया। “कुशल उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” की थीम पर आधारित इस आयोजन में 100 से अधिक स्टॉलों ने हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर और खाद्य उत्पादों के जरिए प्रदेश की विविधता और कौशल को मंच प्रदान किया।
लाइव डेमो से सीखी स्किल्स
कौशल विकास मिशन से जुड़े संस्थानों, एनजीओ और स्टार्टअप्स ने अपने आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल और सेवाओं की झलक दी। लाइव डेमो ने युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के अनुभव से जोड़ा, जहां उन्होंने टेक्निकल और सॉफ्ट स्किल्स की बारिकियों को सीखा।
सॉफ्ट स्किल वर्कशॉप्स ने बढ़ाया आत्मविश्वास
स्पोकन इंग्लिश, इंटरव्यू स्किल्स, पर्सनालिटी ग्रूमिंग और सीवी मेकिंग जैसी कार्यशालाएं युवाओं को आज के कॉम्पिटिटिव माहौल के लिए तैयार करती दिखीं।
फूड जोन में झलकी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान
लखनऊ की भेलपुरी, अयोध्या का सिरका, मुजफ्फरनगर की कचौरी, आगरा का पेठा और प्रतापगढ़ का आंवला स्वाद के साथ संस्कृति की खुशबू फैलाते रहे।
महिला उद्यमियों की रचनात्मक पहल
ग्रामीण बेटियों द्वारा तैयार किए गए इको-फ्रेंडली हैंडमेड उत्पाद—पोटली बैग्स, जूट पेंटिंग बैग्स, कुशन कवर, और दीवार सजावट सामग्रियों ने पर्यावरण के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। आरएसडब्ल्यूएम प्रा. लि. की पहल से ग्रामीण लड़कियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
वेस्ट से बेस्ट: स्किल की ताकत
प्रशिक्षित युवाओं ने वेस्ट मैटेरियल, जूट और कपड़ों से उपयोगी चीजें बनाना सीखा। मशीनों पर काम, कपड़ों की पहचान और पुर्जों की जानकारी ने उन्हें तकनीकी दक्षता से सशक्त किया।
सरकारी योजनाओं से युवाओं को नई उड़ान
सिद्धि विनायक एजुकेशन सोसाइटी की ट्रेनर शिवानी सिंह ने बताया कि युवाओं को तीन माह का आवासीय प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्हें नोएडा और अन्य शहरों की कंपनियों में प्लेसमेंट दिलाया जा रहा है। योगी सरकार की योजनाएं न केवल रोजगार बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी युवाओं को सशक्त बना रही हैं।
इस मेले ने दिखा दिया कि उत्तर प्रदेश के युवा अब रोजगार के साथ समाज निर्माण में भी आगे हैं—और यह केवल शुरुआत है।
