बिसरख धाम में रुद्राभिषेक पूजा का दिव्य आयोजन: महामण्डलेश्वर आचार्य अशोकानंद ने बताया शिव साधना का अलौकिक महत्व
ग्रेटर नोएडा, 14 जुलाई 2025 — गौतम बुद्ध नगर के बिसरख धाम में महामण्डलेश्वर आचार्य अशोकानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में रुद्राभिषेक पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के रौद्र रूप की आराधना कर आध्यात्मिक, मानसिक व शारीरिक शांति की प्राप्ति की कामना की।
रुद्राभिषेक का आध्यात्मिक महत्व:
- यह पूजा भगवान रुद्र का आह्वान कर जल, दूध, घी, शहद व पंचामृत से अभिषेक द्वारा की जाती है
- श्रावण मास में इसका विशेष महत्व माना गया है, जिसमें 108 नामों का जाप और रुद्र चमक पाठ किया जाता है
- यह अनुष्ठान पापों के नाश, बीमारियों से मुक्ति, परिवार में शांति और समृद्धि लाने हेतु प्रभावशाली माना गया है
शास्त्रों व इतिहास में उल्लेख:
- रामायण में वर्णित है कि भगवान राम ने रामेश्वरम में रुद्राभिषेक कर लंका विजय हेतु आशीर्वाद प्राप्त किया
- वैदिक शास्त्र और ज्योतिषाचार्य भी समय-समय पर इस पूजा को जीवन की बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला उपाय बताते हैं
पूजा की विधि और विशेष सामग्री:
- पूजा के दौरान गंगा, यमुना, नर्मदा जैसी नदियों को पवित्र जल कलश में आहूत किया जाता है
- पूजन सामग्री में दूध, शहद, दही, बेलपत्र, फूल, काले तिल और चंदन आदि शामिल होते हैं
- शिवलिंग का मुख उत्तर दिशा में व भक्त का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए
आचार्य अशोकानंद जी का संदेश: उन्होंने बताया कि रुद्राभिषेक शिव को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम तरीका है। यह पूजा भक्त के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और जीवन की बाधाओं से मुक्ति प्रदान करती है।
ॐ नमः शिवाय — शिव साधना से जुड़ा यह पावन आयोजन श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और चेतना के पथ पर अग्रसर करता है।
